देश की खबरें | हरियाणा में स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है: अतिरिक्त मुख्य सचिव
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. हरियाणा सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है और सांप्रदायिक झड़पों के लिए जिम्मेदार पाए गए किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
चंडीगढ़, तीन अगस्त हरियाणा सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है और सांप्रदायिक झड़पों के लिए जिम्मेदार पाए गए किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) टी वी एस एन प्रसाद ने यह भी कहा कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की दंगा रोधी इकाई रैपिड एक्शन फोर्स का एक केंद्र जल्द ही नूंह में स्थापित किया जाएगा। प्रसाद ने कहा कि राज्य में सांप्रदायिक झड़पों के सिलसिले में कुल 176 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 78 को एहतियातन हिरासत में लिया गया है।
उन्होंने कहा कि नूंह में 46, गुरुग्राम में 23, फरीदाबाद में तीन, रेवाड़ी में तीन और पलवल में 18 प्राथमिकी समेत कुल 93 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
प्रसाद ने मीडिया से कहा, ‘‘हमें स्थिति पर पैनी नजर बनाए रखनी होगी। सोशल मीडिया पर भड़काऊ या गलत जानकारी नहीं फैलाई जानी चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि झड़प के लिए जिम्मेदार पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रसाद ने कहा, ‘‘जो कोई भी कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश करेगा, हम उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।’’
प्रसाद ने कहा कि स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं कहूंगा कि यह (स्थिति) सामान्य हुई है। हमारे पास पर्याप्त सुरक्षाबल हैं। केंद्र से अनुरोध किया गया और केंद्रीय बलों की 24 कंपनियां प्रदान की गईं।’’
उन्होंने कहा कि नूंह में इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) की एक बटालियन तैनात की गई है। प्रसाद ने कहा, ‘‘बहुत जल्द मेवात में हम रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) का केंद्र स्थापित करेंगे, जो स्थायी केंद्र होगा।’’
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की यात्रा को रोकने के प्रयास को लेकर नूंह में हुई झड़प और पिछले कुछ दिनों में गुरुग्राम में हिंसा में होम गार्ड के दो जवानों और एक मौलवी सहित छह लोगों की मौत हो गई है।
विहिप की बृज मंडल जलाभिषेक यात्रा के बारे में प्रसाद ने कहा कि इसे तीन साल से अधिक समय हो गया है।
भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘एक संस्थागत तंत्र है, शांति समितियां हैं। जब भी कोई यात्रा करनी होती है तो अनुमति ली जाती है और स्थिति का आकलन किया जाता है। शांति समिति की बैठक हुई। इस बार भी बैठक हुई और आश्वासन दिया गया कि सबकुछ शांतिपूर्ण होगा। हमने आयोजन के लिए सभी मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन किया।’’
प्रसाद के साथ संवाददाता सम्मेलन में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध) ओ पी सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशासन और आईटी) एएस चावला और पुलिस महानिरीक्षक (आधुनिकीकरण) अमिताभ ढिल्लों सहित भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
प्रसाद ने यात्रा से पहले सोशल मीडिया पर कही जा रही बातों का जिक्र करते हुए कहा कि खुफिया सूचनाएं मिली थीं और इसे शांति समिति के समक्ष रखा गया था और आश्वासन दिया गया था कि सब कुछ शांतिपूर्ण होगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नूंह की घटना में शामिल कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसे लोगों की पहचान कर रहे हैं जो इस तरह की गतिविधि में शामिल रहे हैं और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन आखिरकार हम अनुमानों और अटकलों पर नहीं जा सकते, हमें असली दोषियों की पहचान करनी होगी। हमें फॉरेंसिक सबूत भी इकट्ठा करने होंगे।’’
प्रसाद ने कहा कि सोमवार को नूंह में सामने आई घटनाओं में, एक बात ध्यान देने योग्य है कि आगजनी करने वालों ने साइबर थाने को क्यों निशाना बनाया।
उन्होंने इस साल की शुरुआत में नूंह जिले से पुलिस कार्रवाई में बड़े पैमाने पर गिरफ्तार किए गए कई साइबर अपराधियों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘यदि आप घटनाओं की श्रृंखला देखते हैं, तो एक महत्वपूर्ण बात जो मैं आपको बताना चाहता हूं वह यह कि हमने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई शुरू की।’’
प्रसाद ने कहा, ‘‘सबसे पहले वहां एक साइबर थाने पर हमला किया गया। मैं किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच रहा हूं, यह जांच का विषय है (कि इसे क्यों निशाना बनाया गया)।’’
उन्होंने पूर्व में नूंह और अन्य प्रभावित इलाकों में अपराधियों से जुड़े 78 अवैध अतिक्रमणों को गिराए जाने का भी जिक्र किया। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह कवायद पहले भी होती थी।
जब प्रसाद से उन खबरों के बारे में पूछा गया कि कुछ लोग प्रभावित क्षेत्रों से पलायन कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि कोई पलायन नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘आप विवरण दे सकते हैं, हम पुलिस बल भेजेंगे। अगर कोई डर फैलाने की कोशिश कर रहा है, तो हमारा काम उसे नियंत्रित करना है।’’
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में स्थिति बिल्कुल सामान्य है। यह पूछे जाने पर कि राजस्थान सरकार कह रही है कि हरियाणा पुलिस ने मोनू मानेसर की गिरफ्तारी में सहयोग नहीं किया, प्रसाद ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने कल स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें जो भी मदद की जरूरत होगी वह दी जाएगी। मुझे राजस्थान पुलिस के किसी अनुरोध की जानकारी नहीं है। अगर अनुरोध आएगा, हम पूरी मदद करेंगे।’’
सोशल मीडिया पर पोस्ट को लेकर मोनू मानेसर के खिलाफ हरियाणा पुलिस की कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा, ‘‘यह जांच का विषय है। हम अनुमान पर काम नहीं कर सकते। हमें अदालतों के सामने सबूत देना होगा।’’
मोनू मानेसर गोरक्षक बताया जाता है, जिस पर राजस्थान पुलिस ने पूर्व में दो मुस्लिम युवकों की हत्या के मामले में मामला दर्ज किया था, जिनके जले हुए शव फरवरी में भिवानी जिले में पाए गए थे। मानेसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ था कि वह नूंह में विहिप की यात्रा में शामिल होगा।
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