गुवाहाटी, 27 जून असम में निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के विरोध में राजनीतिक दलों द्वारा बुलाए गए 12 घंटे के बंद के दौरान मंगलवार को बराक घाटी के तीन जिलों में 300 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। परिसीमन संबंधी मसौदा प्रस्ताव पिछले सप्ताह प्रकाशित किया गया था।
बराक डेमोक्रेटिक फ्रंट (बीडीएफ) ने सबसे पहले बंद का आह्वान किया था और बाद में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस एवं एआईयूडीएफ ने इसका समर्थन किया। बंद सुबह पांच बजे शुरू हुआ और घाटी के कछार, करीमगंज एवं हैलाकांडी जिलों में दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
स्कूल और सरकारी कार्यालय खुले थे लेकिन उनमें उपस्थिति कम दर्ज की गई। इन तीनों जिलों में वाहनों की संख्या सामान्य से कम थी और प्रदर्शनकारी सड़कों पर निकले लोगों से अपने घर लौटने का आग्रह कर रहे थे।
पुलिस ने करीमगंज (उत्तर) से कांग्रेस विधायक कमलाख्या डे पुरुकायस्थ और पार्टी के कछार जिला अध्यक्ष अभिजीत पॉल सहित 300 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
कछार के पुलिस अधीक्षक नुमल महत्ता ने कहा कि सभी दलों के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है क्योंकि वे काम पर जा रहे आम लोगों को रोक रहे थे।
उन्होंने कहा, "ये एहतियाती गिरफ्तारियां हैं और हम आम लोगों की मदद करने का प्रयास कर रहे हैं।"
निर्वाचन आयोग द्वारा प्रकाशित मसौदा परिसीमन प्रस्ताव के अनुसार, तीन जिलों में विधानसभा सीटों की संख्या घटकर 13 हो जाएगी जो अभी 15 है। इसके अलावा कुछ निर्वाचन क्षेत्रों के नामों में परिवर्तन किए जाने का भी प्रस्ताव है।
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सहित कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने मसौदा प्रस्ताव पर असंतोष जताया है।
ढोलई विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले परिवहन मंत्री परिमल शुक्लाबैद्य ने कहा कि उनके क्षेत्र के लोग निर्वाचन क्षेत्र का नाम ढोलई से बदलकर नरसिंहपुर करने के प्रस्ताव से नाखुश हैं। वहीं कांग्रेस विधायक पुरुकायस्थ ने कहा कि परिसीमन मसौदा "बराक घाटी के लोगों और एक खास समुदाय के खिलाफ साजिश" है।
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