देश की खबरें | शाह ने पासवान के किए अंतिम दर्शन, श्रद्धांजलि दी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के राजधानी स्थित सरकारी आवास पहुंचकर शुक्रवार को उनके अंतिम दर्शन किए और उन्हें श्रद्धांजलि दी।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के राजधानी स्थित सरकारी आवास पहुंचकर शुक्रवार को उनके अंतिम दर्शन किए और उन्हें श्रद्धांजलि दी।

पासवान ने बृहस्पतिवार शाम राजधानी के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। देश के प्रमुख दलित नेताओं में शुमार पासवान 74 वर्ष के थे। लोजपा के संस्थापक और उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पासवान कई सप्ताह से यहां के एक अस्पताल में भर्ती थे। हाल ही में उनके दिल का ऑपरेशन हुआ था।

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पासवान के पार्थिव शरीर को उनके सरकारी आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है।

बाद में शाह ने एक ट्वीट कर कहा, ‘‘केंद्रीय मंत्रिमंडल के हमारे वरिष्ठ साथी राम विलास पासवान जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने कुशल व्यवहार और जन कल्याण के कार्यों से पासवान जी सदैव हमारी स्मृति में बने रहेंगे। प्रभु उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें और सभी परिजनों को ये दुःख सहन करने की शक्ति दे। ॐ शांति।’’

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केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने भी पासवान के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनके जाने से राष्ट्र ने एक प्रतिष्ठित नेता, उत्कृष्ट सांसद और सक्षम प्रशासक खो दिया है।

बैठक में यह फैसला हुआ कि पासवान का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद पटना में शनिवार को होने वाले पासवान के अंतिम संस्कार में केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्रिपरिषद के प्रतिनिधि के रूप में शिरकत करेंगे।

समाजवादी आंदोलन के स्तंभों में से एक पासवान बाद के दिनों में बिहार के प्रमुख दलित नेता के रूप में उभरे और उन्होंने जल्द ही राष्ट्रीय राजनीति में अपनी विशेष जगह बना ली। पासवान की 1990 के दशक में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण से जुड़े मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका रही।

खगड़िया में 1946 में जन्मे पासवान का चयन पुलिस सेवा में हो गया था लेकिन उन्होंने अपने मन की सुनी और राजनीति में चले आए। पहली बार 1969 में वह संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी की टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए।

वह आठ बार लोकसभा के सदस्य चुने गए और कई बार हाजीपुर संसदीय सीट से सबसे ज्यादा वोटों के अंतर से जीतने का रिकॉर्ड अपने नाम किया।

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