देश की खबरें | भारत और चीन के बीच सातवें दौर की सैन्य वार्ता सकारात्मक और रचनात्मक: संयुक्त वक्तव्य
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत और चीन के बीच सातवें दौर की सैन्य वार्ता “सकारात्मक और रचनात्मक” रही तथा दोनों पक्ष अपने नेताओं द्वारा मतभेदों को विवादों में न बदलने की आपसी समझ को क्रियान्वित करने पर सहमत हुए।
नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर भारत और चीन के बीच सातवें दौर की सैन्य वार्ता “सकारात्मक और रचनात्मक” रही तथा दोनों पक्ष अपने नेताओं द्वारा मतभेदों को विवादों में न बदलने की आपसी समझ को क्रियान्वित करने पर सहमत हुए।
दोनों सेनाओं की ओर से मंगलवार को जारी एक संयुक्त वक्तव्य में यह जानकारी दी गई।
वास्तविक नियंत्रण के भारतीय क्षेत्र में स्थित चुशुल में लगभग 12 घंटे चली वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने पूर्वी लद्दाख में संघर्ष के बिंदुओं से सैनिकों को वापस बुलाने के तरीकों पर चर्चा की।
भारत और चीन की सेनाएं पूर्वी लद्दाख में सीमा पर पांच महीने से अधिक समय से गतिरोध की स्थिति में हैं।
यह भी पढ़े | Rajya Sabha Election 2020: राम गोपाल यादव होंगे यूपी राज्यसभा सीट पर एसपी प्रत्याशी.
संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, “दोनों पक्षों ने भारत-चीन सीमावर्ती क्षेत्रों के पश्चिमी सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सैनिकों के पीछे हटने पर गंभीर, व्यापक और रचनात्मक बातचीत की।”
वक्तव्य में कहा गया कि दोनों पक्षों इस पर सहमत हुए कि यह वार्ता “सकारात्मक, रचनात्मक” रही और इससे एक दूसरे की स्थिति के प्रति बनी आपसी समझ में वृद्धि हुई।
वक्तव्य में कहा गया, “दोनों पक्ष सैन्य तथा राजनयिक माध्यम से संवाद और संपर्क बरकरार रखने और यथाशीघ्र सैनिकों की वापसी के लिए दोनों पक्षों द्वारा स्वीकार्य समाधान निकालने पर सहमत हुए।”
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 13, 2020 06:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

