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जरुरी जानकारी | सेंसेक्स ने लिवाली के दम पर एक दिन पहले के नुकसान की भरपाई की, 1,736 अंक चढ़ा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. घरेलू शेयर बाजारों में साल भर की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज किए जाने के अगले ही दिन मंगलवार को निवेशकों ने निचले स्तर पर जमकर लिवाली की जिससे दोनों मानक सूचकांकों ने अपने पिछले नुकसान की भरपाई कर ली।

जरुरी जानकारी | सेंसेक्स ने लिवाली के दम पर एक दिन पहले के नुकसान की भरपाई की, 1,736 अंक चढ़ा

मुंबई, 15 फरवरी घरेलू शेयर बाजारों में साल भर की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज किए जाने के अगले ही दिन मंगलवार को निवेशकों ने निचले स्तर पर जमकर लिवाली की जिससे दोनों मानक सूचकांकों ने अपने पिछले नुकसान की भरपाई कर ली।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,736.21 अंक यानी 3.08 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ 58,142.05 अंक पर बंद हुआ। यह एक फरवरी, 2021 के बाद एक दिन में हुई सर्वाधिक बढ़त है।

इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 509.65 अंक यानी 3.03 प्रतिशत की तेजी के साथ 17,352 अंक पर पहुंचकर बंद हुआ।

कारोबारियों ने कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये को मजबूती मिलने से भी कारोबारी धारणा बेहतर हुई।

इसके अलावा रूस की कुछ सैन्य टुकड़ियों के अपने अड्डे पर वापस लौटने की खबरों ने भी यूरोप में अशांति फैलने की आशंका को थोड़ा कम किया है। इससे यूरोपीय बाजारों में सुधार भी देखा गया।

सेंसेक्स में शामिल सभी 30 कंपनियों के शेयर बढ़त लेने में सफल रहे। बजाज फाइनेंस, एसबीआई, बजाज फिनसर्व, एलएंडटी, टाइटन, विप्रो और एशियन पेंट्स के शेयर 5.13 फीसदी तक चढ़ गए।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘रूस और यूक्रेन के बीच तनाव कम होने की संभावना पैदा होने से वैश्विक बाजारों में तीव्र सुधार देखा गया। घरेलू बाजार ने भी इस रुझान का अनुसरण किया और कच्चे तेल में भी गिरावट देखी गई।’’

हालांकि, नायर ने कहा कि जनवरी में खुदरा मुद्रास्फीति का रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर से अधिक रहना आने वाले समय में घरेलू बाजार के लिए चिंता का सबब बन सकता है। खुदरा मुद्रास्फीति पिछले सात महीनों में पहली बार छह प्रतिशत से अधिक होकर जनवरी में 6.01 फीसदी पर पहुंच गई।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘बाजारों में लगातार उठापटक का दौर देखा जा रहा है और निकट भविष्य में भी यह सिलसिला जारी रह सकता है। किसी प्रमुख घरेलू घटनाक्रम के अभाव में रूस-यूक्रेन तनाव से जुड़ी गतिविधियों और वैश्विक बाजारों पर उसके असर पर नजरें टिकी रहेंगी।’’

सेंसेक्स में जारी तेजी का असर बीएसई के सभी 19 खंड के सूचकांकों पर भी देखा गया। वाहन, बैंकिंग, प्रौद्योगिकी, रियल्टी एवं आईटी सूचकांकों में 3.87 प्रतिशत तक की बढ़त देखी गई। व्यापक बीएसई लार्जकैप, मिडकैप एवं स्मालकैप सूचकांक भी 2.94 प्रतिशत चढ़ गए।

एशिया के अन्य बाजारों में तोक्यो, हांगकांग और सियोल नकारात्मक स्तर पर बंद हुए जबकि शंघाई बढ़त पर रहा। वहीं यूरोपीय बाजार दोपहर के सत्र में लाभ में कारोबार कर रहे थे।

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.44 प्रतिशत गिरकर 94.13 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 28 पैसा चढ़कर 75.32 रुपया प्रति डॉलर के भाव पर पहुंच गया। इस तरह रुपये ने पिछले चार दिवसों से जारी गिरावट के सिलसिले को तोड़ दिया।

विदेशी संस्थागत निवेशकों का भारतीय बाजार से निकासी का सिलसिला बदस्तूर जारी है। शेयर बाजार से उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को भी विदेशी निवेशकों ने 4,253.70 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की।

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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 15, 2022 06:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).