जरुरी जानकारी | वैश्विक बाजार के कमजोर रुख से सेंसेक्स 861 अंक लुढ़का, आईटी, बैंक शेयर नुकसान में
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को भारी गिरावट आई और बीएसई सेंसेक्स 861 अंक से अधिक लुढ़क गया। अमेरिकी केंद्रीय बैंक के प्रमुख के ब्याज दर को लेकर आक्रामक रुख अपनाने का संकेत दिए जाने के बाद वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख के बीच आईटी, प्रौद्योगिकी और बैंक शेयरों में बिकवाली से बाजार नीचे आया।
मुंबई, 29 अगस्त घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को भारी गिरावट आई और बीएसई सेंसेक्स 861 अंक से अधिक लुढ़क गया। अमेरिकी केंद्रीय बैंक के प्रमुख के ब्याज दर को लेकर आक्रामक रुख अपनाने का संकेत दिए जाने के बाद वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख के बीच आईटी, प्रौद्योगिकी और बैंक शेयरों में बिकवाली से बाजार नीचे आया।
विश्लेषकों ने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में गिरावट और कच्चे तेल के दाम में उछाल से भी बाजार धारणा प्रभावित हुई।
तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 861.25 अंक यानी 1.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57,972.62 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,466.4 अंक तक लुढ़क गया था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 246 अंक यानी 1.4 प्रतिशत नुकसान के साथ 17,312.90 अंक पर बंद हुआ।
विश्लेषकों का कहना है कि ब्याज दर से जुड़े शेयरों में विशेष रूप से गिरावट दर्ज की गयी। इसका कारण अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के गवर्नर जेरोम पावेल की टिप्पणी है। इससे यह संकेत मिला है कि अमेरिका मुद्रास्फीति को काबू में लाने के लिये ब्याज दर में तीव्र वृद्धि कर सकता है।
सेंसेक्स के शेयरों में 4.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ सर्वाधिक नुकसान में महिंद्रा एंड महिंद्रा रही। इसमें अलावा इन्फोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और भारतीय स्टेट बैंक भी प्रमुख रूप से नुकसान में रहे।
दूसरी तरफ मारुति, नेस्ले, एशियन पेंट्स, आईटीसी, महिंद्रा एंड महिंद्रा और हिंदुस्तान यूनिलीवर प्रमुख रूप से लाभ में रहीं।
मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज की सालाना आम बैठक में उत्तराधिकार योजना को पेश किये जाने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 0.84 प्रतिशत नीचे आया। उत्तराधिकार योजना के तहत आकाश और ईशा दूरसंचार और खुदरा कारोबार को संभालेंगे जबकि सबसे छोटे बेटे अनंत को नवीन ऊर्जा इकाई की कमान मिलेगी।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के खुदरा शोध प्रमुख दीपक जसानी ने कहा, ‘‘वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट रही जबकि बॉन्ड प्रतिफल बढ़ने तथा डॉलर के मुकाबले दुनिया की अन्य मुद्राओं में गिरावट आई। इसका कारण दुनिया के सबसे ताकतवर केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) का ब्याज दर को लेकर आक्रामक रुख है।’’
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट मामूली बढ़त में रहा।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिकी शेयर बाजार शुक्रवार को नुकसान में रहे।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘जैक्सन होल संगोष्ठी में जेरोम पावेल के नीतिगत मोर्चे पर आक्रामक रुख के बाद ब्याज दर में बड़ी वृद्धि की आशंका जतायी जा रही थी। लेकिन जुलाई में महंगाई दर में नरमी से निवेशक ब्याज दर में हल्की वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भारत जैसे उभरते बाजारों में बिक्री बढ़ने का प्रमुख कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली को लेकर चिंता है। हाल की तेजी में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।’’
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 10 पैसे टूटकर 79.94 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.79 प्रतिशत बढ़कर 101.8 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 51.12 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 29, 2022 05:49 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

