दुकानों पर शराब बिक्री रोकने की मांग वाली जनहित याचिका पर जवाब मांगा
जमात

प्रयागराज, सात मई इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश में दुकानों पर शराब की बिक्री बंद करने का आग्रह करने वाली एक जनहित याचिका पर राज्य सरकार को इस बारे में जवाब प्रस्तुत करने का बृहस्पतिवार को निर्देश दिया।

याचिकाकर्ता का आरोप है कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक सभी जगह भौतिक दूरी के नियम का पालन करना अनिवार्य है, लेकिन दुकानों पर शराब की बिक्री के मामले में इसका पालन नहीं किया जा रहा है।

सामाजिक कार्यकर्ता सुनील चौधरी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई, 2020 को करने का निर्देश दिया।

इस जनहित याचिका में अदालत से यह अनुरोध भी किया गया है कि यदि अर्थव्यवस्था के लिए शराब की बिक्री इतनी ही जरूरी है तो अदालत राज्य सरकार को शराब की ऑनलाइन बुकिंग शुरू कराने और इसकी होम डिलीवरी कराने का निर्देश दे।

याचिकाकर्ता ने इस याचिका में कहा कि वह शराब की बिक्री के मामले में सरकार की नीति के खिलाफ नहीं है, लेकिन देशभर में शराब की खरीद के दौरान भौतिक दूरी के नियमों की धज्जियां उड़ते हुए देखकर उन्हें सबसे अधिक परेशानी हुई।

उन्होंने अपनी जनहित याचिका के साथ कुछ फोटो भी संलग्न की हैं जिनमें दुकानों से शराब की खरीद के समय भौतिक दूरी के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन दिख रहा है। हाल ही में सरकार ने शराब की बिक्री की अनुमति दी है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)