जरुरी जानकारी | सेबी ने एचडीएफसी एएमसी ‘फ्रंट रनिंग’ मामले में चार निकायों पर लगाया दो करोड़ रुपये का जुर्माना
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नयी दिल्ली, 30 जुलाई बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) से जुड़े ‘फ्रंट-रनिंग’ मामले में चार निकायों पर दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
फ्रंट-रनिंग वैसे अनैतिक प्रचलनों को कहा जाता है, जिनमें शेयरों में कारोबार करने वाला कोई व्यक्ति किसी ब्रोकर, विश्लेषक या किसी कार्यकारी द्वारा दी गयी अग्रिम सूचना के आधार पर उस इकाई के सौदों से पहले शेयरों की खरीद-बिक्री करता है।
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नियामक ने नीलेश कपाड़िया और धर्मेश शाह पर 50-50 लाख रुपये, अशोक नायक पर 40 लाख रुपये तथा आईकेएबी सिक्योरिटीज एंड इनवेस्टमेंट्स लिमिटेड पर 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
सेबी ने कहा कि अक्टूबर 2006 से जून 2007 की जांच अवधि के दौरान, एचडीएफसी एएमसी के इक्विटी डीलर रहे कपाड़िया ने जून 2000 से 2010 के दौरान धर्मेश शाह को जानकारियां दी। धर्मेश शाह ने इन जानकारियों के आधार पर एचडीएफसी एएमसी के शेयरों के कारोबार में 109 बार फ्रंट रनिंग को अंजाम दिया।
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फ्रंट रनिंग के इन मामलों में आईकेएबी सिक्योरिटीज के डीलरों नायक और बंकिम शाह तथा अन्य के ट्रेडिंग खातों का इस्तेमाल किया गया। धर्मेश शाह और नायक आईकेएबी सिक्योरिटीज के ग्राहक थे।
सेबी ने कहा कि बंकिम शाह और आईकेएबी सिक्योरिटीज की मदद से कपाड़िया और धर्मेश शाह ने एचडीएफसी एएमसी के शेयरों की खरीद-बिक्री में फ्रंट रनिंग को अंजाम दिया।
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