नयी दिल्ली, 15 जून यूटीआई म्यूचुअल फंड के प्रायोजक एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम ने देश के सबसे पुराने फंड हाउस यूटीआई म्यूचुअल फंड में अपनी हिस्सेदारी घटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक, इन इकाइयों ने हिस्सेदारी बिक्री पर सलाह देने के लिए मर्चेंट बैंकरों से संपर्क किया है।
यूटीआई म्युचुअल फंड के प्रवर्तकों में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी), पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) शामिल हैं। इनकी चुकता पूंजी में संयुक्त रूप से हिस्सेदारी 45.21 प्रतिशत है।
अमेरिका स्थित टी रोवे प्राइस ग्रुप इंक अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई टी रोवे प्राइस ग्लोबल इन्वेस्टमेंट सर्विसेज लिमिटेड (ब्रिटेन) के जरिये यूटीआई एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (यूटीआई एएमसी) में 23 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती है।
इन प्रायोजकों ने वर्ष 2020 में आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के माध्यम से 38,987,081 शेयरों को 2,100 करोड़ रुपये में बेचकर अपनी हिस्सेदारी कम कर दी थी।
पिछले साल पीएनबी को अपना पूंजी आधार बढ़ाने के लिए गैर-प्रमुख परिसंपत्ति बिक्री योजना के हिस्से के रूप में यूटीआई एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने के लिए, सरकार की मंजूरी मिली थी।
विनिवेश गतिविधियों पर नजर रखने वाले दीपम विभाग ने अपनी अनुषंगी इकाइयों में हिस्सेदारी बेचने की मंशा रखने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों को पिछले साल संबंधित मंत्रालयों के पास प्रस्ताव जमा करने को कहा था।
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