देश की खबरें | मतदान के समय ‘जय बजरंग बली’ बोलिये: मोदी ने कहा, कांग्रेस ने बजरंग दल पर अपने रुख का बचाव किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कांग्रेस पर ‘गाली देने की संस्कृति’ का आरोप लगाते हुए कर्नाटक के लोगों से अपील की कि वे जब 10 मई को मतदान केंद्रों पर मतदान करें तो ‘जय बजरंग बली’ बोल कर उसे सजा दें।

अंकोला/ बेंगलुरु/ नयी दिल्ली, तीन मई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कांग्रेस पर ‘गाली देने की संस्कृति’ का आरोप लगाते हुए कर्नाटक के लोगों से अपील की कि वे जब 10 मई को मतदान केंद्रों पर मतदान करें तो ‘जय बजरंग बली’ बोल कर उसे सजा दें।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने संबंधी कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र के वादे को लेकर विपक्षी दल पर हमला तेज कर दिया है।

वहीं दूसरी ओर दक्षिणपंथी हिंदू संगठन के खिलाफ अपने रुख का बचाव करते हुए, कांग्रेस ने जोर देकर कहा कि वह उन व्यक्तियों और संगठनों की जांच करने के लिए प्रतिबद्ध है जो विभाजन के बीज बोते हैं और कहा कि उच्चतम न्यायालय ने भी ‘‘नफरत फैलाने वालों’’ के खिलाफ कार्रवाई का आह्वान किया है।

उत्तर कन्नड़ जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस और उसके नेता उनसे नफरत करते हैं और उन्हें गाली देते हैं क्योंकि उन्होंने उनकी ‘भ्रष्ट व्यवस्था’ को ध्वस्त कर दिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘क्या कर्नाटक में कोई भी गाली संस्कृति को स्वीकार करेगा? क्या कोई किसी को गाली देने वाले को पसंद करेगा? क्या किसी एक छोटे आदमी को भी गाली दी जाए तो आप पसंद करेंगे? क्या कर्नाटक गाली देने वालों को माफ कर देता है?... आप (लोग) इस बार क्या करेंगे? क्या आप उन्हें सजा देंगे? क्या आप गाली देने वालों को सजा देंगे?... जब मतदान केंद्र में बटन दबाओ तो 'जय बजरंग बली' बोल कर इन्हें सजा दे देना।’’

प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को कर्नाटक में अपनी तीनों जनसभाओं के दौरान ‘जय बजरंग बली’ के नारे लगाए। उनके इस कदम को कांग्रेस के उस वादे की काट के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें उसने अपने चुनावी घोषणापत्र में दक्षिणपंथी संगठन बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने का वादा किया है।

विजयनगर जिले के होसपेटे में मोदी ने मंगलवार को कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा को लेकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था, ‘‘कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में बजरंगबली को ताले में बंद करने का निर्णय लिया है। पहले उन्होंने प्रभु श्री राम को ताले में बंद किया और अब ‘जय बजरंगबली’ बोलने वालों को ताले में बंद करने का संकल्प लिया है।’’

भाजपा, उसकी कर्नाटक इकाई और पार्टी नेताओं ने भी बुधवार को ‘हनुमाभक्तमोदी’ हैशटैग के साथ ट्वीट किया।

भाजपा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि उसने अपने घोषणापत्र में बजरंग दल के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा कर भगवान हनुमान का अपमान किया है।

इस बीच बजरंग दल ने कहा कि उसने बृहस्पतिवार को राज्य में हनुमान चालीसा पाठ आयोजित करने का फैसला किया है।

बजरंग दल ने बुधवार को एक बयान कहा कि वह राज्य भर में हनुमान चालीसा का पाठ आयोजित करेगा। उसने एक बयान में कहा, ‘‘यह वह समय है जब धर्म खतरे में है और एक साथ खड़ा होना ही आगे बढ़ने का एकमात्र तरीका है। हमें अपने मतभेदों को परे रखकर धर्म की रक्षा के लिए एक साथ आना चाहिए और हाथ मिलाना चाहिए।’’

कांग्रेस के प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने हालांकि कहा कि कांग्रेस ‘‘उन व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है जो विभाजन के बीज बोते हैं और समाज में नफरत फैलाते हैं।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान हनुमान की तुलना एक संगठन से करके भगवान हनुमान के भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।

कांग्रेस के घोषणापत्र में बजरंग दल पर प्रतिबंध का उल्लेख करने के खिलाफ संघ परिवार के कड़े विरोध के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी के सत्ता में आने पर बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने का कोई सुझाव नहीं है।

उन्होंने उडुपी में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस ने नफरत की राजनीति के खिलाफ उच्चतम न्यायालय की कड़ी टिप्पणियों की पृष्ठभूमि में घोषणापत्र में बजरंग दल जैसे संगठनों के खिलाफ कार्रवाई का उल्लेख किया था।

पार्टी नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा मतदाताओं का ध्यान भटकाने के लिए भावनात्मक मुद्दे उठा रही है।

भाजपा नेता एवं मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष कमलनाथ की ‘‘हनुमान भक्ति’’ पर सवाल उठाया है।

मिश्रा ने बुधवार को इस बारे में कमलनाथ को एक पत्र लिखा और मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया, ‘‘तुष्टिकरण की राजनीति के लिए कांग्रेस किसी भी हद तक जा सकती है।’’

मिश्रा ने कहा, ‘‘स्वयं को हनुमान भक्त बताने वाले कमलनाथ को बताना चाहिए कि वह अपनी पार्टी के निर्णय के पक्ष में हैं या विपक्ष में। साथ ही कमलनाथ आप यह भी बताएं कि दिग्विजय सिंह के बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने वाले ट्वीट से सहमत हैं या नहीं? मुझे उम्मीद है कि हनुमान भक्त होने के नाते आप मेरे पत्र का उत्तर जरूर देंगे।’’

इसके जवाब में कमलनाथ ने कहा कि उच्चतम न्यायालय भी कह रहा है कि नफरत फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

कर्नाटक के घोषणापत्र में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने के वादे को क्या मध्य प्रदेश के चुनावी घोषणापत्र में भी शामिल किया जाएगा, यह सवाल करने पर कमलनाथ ने कहा, ‘‘यह घोषणापत्र समिति द्वारा तय किया जाएगा। यहां तक कि उच्चतम न्यायालय और पूरा राज्य कह रहा है कि नफरत फैलाने वालों एवं विवाद पैदा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। यह हमारी सामाजिक एकता का मामला है।’’

भगवान हनुमान के भक्त होने के बारे में पूछे गए एक सवाल पर कमलनाथ ने कहा, ‘‘इसका इससे (बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने से) क्या संबंध है?’’

कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने भी इस संबंध में कई ट्वीट किए।

सिंह ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘मोदी जी का धर्म हिंदुत्व है, हिंदू या सनातन धर्म नहीं। जैसे कि (वीर दामोदर) सावरकर जी ने कहा है कि हिंदुत्व का हिंदू धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। ठीक उसी तरह से बजरंग दल का भगवान हनुमान से कोई लेना-देना नहीं है। यह गुंडों का संगठन है।’’

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