देश की खबरें | सरकारी योजनाओं की संतृप्ति असली धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय है: मोदी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं को राज्यों में संतृप्ति तक पहुंचाना ''असली धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय'' है।
पणजी, छह फरवरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं को राज्यों में संतृप्ति तक पहुंचाना ''असली धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय'' है।
मोदी ने दक्षिण गोवा के मडगांव शहर में ‘विकसित भारत, विकसित गोवा’ जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "केंद्र सरकार की कई योजनाओं के कार्यान्वयन में, गोवा ने 100 प्रतिशत संतृप्ति हासिल कर ली है।"
उन्होंने कहा, “जब योजनाओं की संतृप्ति होती है, तो लोगों के बीच मतभेद समाप्त हो जाते हैं। प्रत्येक लाभार्थी को पूरा लाभ मिलता है। जब संतृप्ति होती है, तो लोगों को अपना अधिकार पाने के लिए रिश्वत नहीं देनी पड़ती है।”
उन्होंने कहा, “संतृप्ति (से आशय कल्याणकारी योजना का लाभ सभी को मिलने से है) ही वास्तविक धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय है। संतृप्ति गोवा और देश के लिए मोदी की गारंटी है।”
मोदी ने कहा कि इस संतृप्ति को हासिल करने के लिए, केंद्र सरकार ने विकसित भारत संकल्प यात्रा आयोजित की। उन्होंने कहा, "जो लोग सरकारी योजनाओं से दूर थे, उन्हें भी इस यात्रा के बाद मोदी की गारंटी से फायदा हुआ।"
जनसभा के दौरान, मोदी ने कुंकोलिम में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के परिसर, डोना पाउला में राष्ट्रीय जल खेल संस्थान और कुड़चड़ेम में अपशिष्ट प्रबंधन इकाई का उद्घाटन किया।
उन्होंने पणजी और रीस मैगोस किले के बीच एक रोपवे परियोजना और दक्षिण गोवा के ज़ेल्पेम में 100 एमएलडी जल शोधन संयंत्र की आधारशिला भी रखी।
इस कार्यक्रम में गोवा के राज्यपाल पी एस श्रीधरन पिल्लई और मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत उपस्थित थे।
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