नयी दिल्ली, 13 जुलाई प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने उद्यमी शिविंदर मोहन सिंह को फोर्टिस हेल्थकेयर मामले में बाजार नियामक सेबी की तरफ से लगाए गए जुर्माने की आधी राशि छह सप्ताह के भीतर जमा करने का निर्देश दिया है।
सैट ने अपने आदेश में कहा है कि शिविंदर अगर जुर्माने की आधी राशि जमा कर देते हैं तो भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) उनसे आगे वसूली नहीं करेगा।
सेबी ने गत अप्रैल में एक आदेश पारित कर शिविंदर और उनके भाई मलविंदर मोहन सिंह पर पांच-पांच करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इस आदेश के खिलाफ शिविंदर ने सैट के समक्ष अपील की थी।
अपीलीय न्यायाधिकरण ने इस अपील पर सुनवाई करते हुए गत आठ जुलाई को आधी रकम जमा करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई एक अगस्त को होगी।
शिविंदर और उनके भाई मलविंदर स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी फोर्टिस हेल्थकेयर के प्रवर्तक थे। उनके अलावा सात अन्य लोगों पर जुर्माना लगाया गया था।
सेबी ने दोनों भाइयों को प्रतिभूति बाजार से तीन साल के लिए प्रतिबंधित भी किया हुआ है। इसके अलावा उन्हें किसी भी सूचीबद्ध कंपनी में निदेशक या शीर्ष प्रबंधकीय पद से भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।
सैट ने पिछले महीने मलविंदर और उनकी कंपनी मालव होल्डिंग्स को भी इस मामले में इसी तरह का निर्देश दिया था।
प्रेम
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