एजेंसी न्यूज

जरुरी जानकारी | रुपया 85.36 प्रति डॉलर पर स्थिर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने एशियाई मुद्राओं में कमजोरी के बीच आयातकों को हेजिंग बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जिससे अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपये का आरंभिक लाभ काफी हद तक लुप्त हो गया और यह 85.36 प्रति डॉलर पर स्थिर बंद हुआ।

जरुरी जानकारी | रुपया 85.36 प्रति डॉलर पर स्थिर

मुंबई, 13 मई कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने एशियाई मुद्राओं में कमजोरी के बीच आयातकों को हेजिंग बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जिससे अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपये का आरंभिक लाभ काफी हद तक लुप्त हो गया और यह 85.36 प्रति डॉलर पर स्थिर बंद हुआ।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनियम बाजार में रुपया 84.70 पर खुला और डॉलर के मुकाबले 84.62 के दिन के उच्चतम स्तर और 85.48 के निचले स्तर के बीच घूमता रहा। कारोबार के अंत में रुपया 85.36 प्रति डॉलर पर अपरिवर्तित रुख के साथ बंद हुआ।

शुक्रवार को, रुपये ने अपने शुरुआती नुकसान को कम कर दिया और डॉलर के मुकाबले कारोबार के अंत में 22 पैसे बढ़कर 85.36 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

‘बुद्ध पूर्णिमा’ के अवसर पर सोमवार को विदेशी मुद्रा बाजार बंद रहा।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, ‘‘घरेलू शेयर बाजारों में कमजोरी और व्यापारियों द्वारा अपने लंबे सौदों की कटान करने के कारण भारतीय रुपये ने दिन के कारोबार में हुए लाभ को गंवा दिया। एशियाई मुद्राओं में व्यापक कमजोरी के कारण यह गिरावट और बढ़ गई।’’

अमेरिका और चीन के अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि वे अपने हाल के अधिकांश शुल्क को वापस लेने के लिए एक समझौते पर पहुंच गए हैं।

मिराय एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि भारत और पाकिस्तान के बीच भू-राजनीतिक तनाव कम होने के बीच रुपया सकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा। अमेरिका और चीन के बीच व्यापार शुल्क को लेकर तनाव कम होने के बीच वैश्विक बाजारों में जोखिम वाली परिसंपत्तियों की मांग बढ़ी है।’’

भारत और पाकिस्तान ने पिछले शनिवार को भूमि, वायु और समुद्र पर सभी गोलीबारी और सैन्य कार्रवाइयों को तत्काल प्रभाव से रोकने के लिए एक सहमति पर पहुंचने की घोषणा की थी।

चौधरी ने आगे कहा कि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और घरेलू बाजारों में गिरावट से रुपये पर दबाव पड़ सकता है। एफआईआई के किसी भी तरह के धन निकासी से भी रुपये पर दबाव पड़ सकता है। कारोबारी अमेरिका से सीपीआई मुद्रास्फीति के आंकड़ों से संकेत ले सकते हैं। डॉलर-रुपया हाजिर कीमत 85 से 86 के बीच रहने की उम्मीद है।

दुनिया की छह प्रमुख प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला, डॉलर इंडेक्स 0.20 प्रतिशत गिरकर 101.58 पर कारोबार कर रहा था।

वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.42 प्रतिशत बढ़कर 65.23 डॉलर प्रति बैरल हो गया। विशेषज्ञों ने कहा कि पिछले कुछ सत्रों में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 65 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं, जिससे भारत का व्यापार घाटा बढ़ सकता है।

घरेलू शेयर बाजार में, 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,281.68 अंक गिरकर 81,148.22 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 346.35 अंक के नुकसान के साथ 24,578.35 अंक पर रहा।

एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध लिवाल रहे। उन्होंने मंगलवार को 1,246.48 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on May 13, 2025 09:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).