मुंबई, 11 जनवरी अमेरिकी मुद्रा में मजबूती तथा कच्चे तेल कीमतों में भारी तेजी के बीच अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया बृहस्पतिवार को डॉलर के मुकाबले एक पैसे की गिरावट के साथ 83.04 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर आ गया।
बाजार सूत्रों ने कहा कि शेयर बाजार में तेजी के रुख के बावजूद विदेशी कोषों की निकासी से रुपये में छह कारोबारी सत्रों से चली आ रही तेजी पर ‘ब्रेक’ लग गया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 83.05 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 82.93 प्रति डॉलर के उच्चस्तर और 83.08 प्रति डॉलर के निचले स्तर तक गया। कारोबार के अंत में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मात्र एक पैसे की मामूली गिरावट के साथ 83.04 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
शेयरखान बाय बीएनपी परिबा के शोध विश्लेषक, अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘भारतीय रुपया सपाट कारोबार कर रहा है। कमजोर डॉलर और सकारात्मक घरेलू बाजारों के कारण यह सकारात्मक रुख के साथ खुला। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की निकासी और कच्चे तेल की कीमतों में मामूली सुधार के कारण इसने अपना शुरुआती लाभ गंवा दिया। बुधवार को अमेरिकी डॉलर में गिरावट आई थी जहां मुद्रास्फीति के आंकड़ों से पहले कारोबारियों ने अपने सौदों में कटान किया था।’’
विदेशी मुद्रा विश्लेषकों ने कहा कि निवेशक आगे के संकेतों के लिए अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारी शुक्रवार को जारी होने वाले घरेलू मुद्रास्फीति आंकड़ों पर भी करीब से नजर रखेंगे।
इस बीच, छह अन्य मुद्राओं की तुलना में अमेरिकी मुद्रा का आकलन करने वाला डॉलर सूचकांक 0.06 प्रतिशत की तेजी के साथ 102.14 पर कारोबार कर रहा था।
वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा 1.67 प्रतिशत की तेजी के साथ 78.08 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 63.47 अंक की तेजी के साथ 71,721.18 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने बुधवार को 1,721.35 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY