मुंबई, 23 जनवरी अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में मंगलवार को रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले नौ पैसे की गिरावट के साथ 83.16 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ। शेयर बाजार में कमजोर रुख से निवेशकों की कारोबारी धारणा प्रभावित हुई।
बाजार सूत्रों ने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी के कारण भी रुपये पर दबाव रहा। हालांकि विदेशों में डॉलर के कमजोर रहने से गिरावट पर कुछ अंकुश लगा।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 83.11 प्रति डॉलर पर खुला और कारोबार के दौरान यह 83.06 के उच्च स्तर और 83.17 प्रति डॉलर के निम्नतम स्तर को छूने के बाद अंत में अपने पिछले बंद भाव के मुकाबले नौ पैसे की गिरावट के साथ 83.16 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
रुपया शुक्रवार को 83.07 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
बीएनपी पारिबा बाय शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘कमजोर घरेलू बाजारों और विदेशी निवेशकों के बिकवाली दबाव के कारण रुपया थोड़ा नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कच्चे तेल की कीमतों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी से रुपये पर असर पड़ सकता है। हालांकि, सकारात्मक वैश्विक बाजार और कमजोर डॉलर निचले स्तर पर रुपये को समर्थन दे सकते हैं। अमेरिका में विनिर्माताओं के बीच नये ऑर्डर, रोजगार समेत व्यापार स्थिति के सापेक्षक स्तर को बताने वाला ‘रिचमंड मैनुफैक्चरिंग इंडेक्स’ के आंकड़े जारी होने से पहले कारोबारी सतर्क रुख अपना सकते हैं।’’
इस बीच, छह मुद्राओं की तुलना में अमेरिकी डॉलर का आकलन करने वाला डॉलर सूचकांक 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 103.22 पर रहा।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 0.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79.58 डॉलर प्रति बैरल रह गया।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,053.10 अंक की गिरावट के साथ 70,370.55 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने शनिवार को 545.58 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY