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जरुरी जानकारी | रुपया 12 पैसे लुढ़क कर अबतक के सबसे निचले स्तर 84.72 प्रति डॉलर पर बंद

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया सोमवार को 12 पैसे लुढ़क कर अबतक के अपने सबसे निचले स्तर 84.72 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। निराशाजनक वृहद आर्थिक आंकड़ों और विदेशी बाजारों में अमेरिकी मुद्रा की व्यापक मजबूती के बीच रुपये की विनिमय दर में गिरावट आई।

जरुरी जानकारी | रुपया 12 पैसे लुढ़क कर अबतक के सबसे निचले स्तर 84.72 प्रति डॉलर पर बंद

मुंबई, दो दिसंबर अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया सोमवार को 12 पैसे लुढ़क कर अबतक के अपने सबसे निचले स्तर 84.72 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। निराशाजनक वृहद आर्थिक आंकड़ों और विदेशी बाजारों में अमेरिकी मुद्रा की व्यापक मजबूती के बीच रुपये की विनिमय दर में गिरावट आई।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि ब्रिक्स मुद्रा पर ट्रंप के बयान के बाद एशियाई मुद्राओं में गिरावट आई है, क्योंकि इस कदम से डॉलर में और मजबूती आ सकती है।

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को धमकी दी थी कि यदि ब्रिक्स राष्ट्र अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने के लिए काम करते हैं तो उन देशों से आयात पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 84.59 प्रति डॉलर पर खुला। दिन के कारोबार के दौरान यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 84.73 के सर्वकालिक निम्न स्तर को छूने के बाद अंत में 84.12 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 12 पैसे की गिरावट है।

रुपया शुक्रवार को 13 पैसे की गिरावट के साथ अपने सर्वकालिक निचले स्तर 84.60 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

व्यापारियों ने कहा कि निराशाजनक वृहद आर्थिक आंकड़ों और लगातार विदेशी संस्थागत निवेशकों की धननिकासी से भी निवेशकों की कारोबारी धारणा प्रभावित हुई।

सोमवार को एक मासिक सर्वेक्षण में कहा गया कि भारत के विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर नवंबर में 56.5 के संयुक्त 11 महीने के निचले स्तर पर आ गई, जो प्रतिस्पर्धी स्थितियों और मुद्रास्फीति के दबावों के कारण सीमित रही, जबकि कारखाना ऑर्डर में मामूली वृद्धि हुई।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि मजबूत डॉलर और एफआईआई की धननिकासी के कारण रुपया नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा। कच्चे तेल की कीमतों में सुधार से भी रुपये पर दबाव पड़ सकता है। डोनाल्ड ट्रंप की शुल्क को लेकर चेतावनी से डॉलर और मजबूत हो सकता है।’’

हालांकि, सकारात्मक घरेलू बाजार रुपये को निचले स्तरों पर सहारा दे सकते हैं। चौधरी ने कहा कि व्यापारी अमेरिकी आईएसएम विनिर्माण पीएमआई आंकड़ों से संकेत ले सकते हैं, उन्होंने कहा कि डॉलर-रुपया हाजिर मूल्य 84.50 रुपये से 84.95 रुपये के बीच कारोबार करने की उम्मीद है।

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 106.27 पर रहा।

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.99 प्रतिशत चढ़कर 72.59 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि 22 नवंबर को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1.31 अरब डॉलर घटकर 656.582 अरब डॉलर रह गया।

बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक 445.29 अंक की तेजी के साथ 80,248.08 इंक पर और निफ्टी 144.95 अंक की तेजी के साथ 24,276.05 अंक पर बंद हुआ।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने सोमवार को शुद्ध रूप से 238.28 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 02, 2024 09:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).