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जरुरी जानकारी | रुपया तीन पैसे की गिरावट के साथ 85.57 प्रति डॉलर पर बंद

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में शुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया तीन पैसे की गिरावट के साथ 85.57 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। शेयर बाजार में गिरावट और और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच विदेशी पूंजी प्रवाह रुपये को बढ़ावा देने में विफल रहा।

जरुरी जानकारी | रुपया तीन पैसे की गिरावट के साथ 85.57 प्रति डॉलर पर बंद

मुंबई, 16 मई अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में शुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया तीन पैसे की गिरावट के साथ 85.57 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। शेयर बाजार में गिरावट और और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच विदेशी पूंजी प्रवाह रुपये को बढ़ावा देने में विफल रहा।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, अप्रैल में देश का व्यापार घाटा बढ़ने के सरकारी आंकड़ों के कारण भी रुपए में गिरावट आई।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 85.28 प्रति डॉलर पर मजबूती के साथ खुला। कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले 85.28 से 85.70 के बीच रहा। अंत में यह 85.57 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से तीन पैसे की गिरावट को दर्शाता है।

रुपया बृहस्पतिवार को डॉलर के मुकाबले 85.54 पर बंद हुआ था।

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के वित्त प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, ‘‘ हालांकि सभी एशियाई और यूरोपीय मुद्राएं मजबूत रहीं लेकिन रुपया 85.00 के स्तर से ज्यादा प्रगति नहीं कर सका और 85.30 के आसपास कारोबार करता रहा। मोटे तौर पर 85-86 के बीच और 85.25 और 85.75 के बीच सीमित दायरे में रहा। सोमवार को भी इसके इसी दायरा में रहने का अनुमान है।’’

घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स 200.15 अंक की गिरावट के साथ 82,330.59 अंक पर जबकि निफ्टी 42.30 अंक फिसलकर 25,019.80 पर बंद हुआ।

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 100.75 पर रहा।

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 64.62 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा।

बृहस्पतिवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत का व्यापार घाटा बढ़कर पांच महीने के उच्चतम स्तर 26.42 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जबकि कच्चे तेल और उर्वरक का आयात बढ़ने के कारण अप्रैल में आयात पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 19.12 प्रतिशत बढ़कर 64.91 अरब डॉलर का हो गया।

हालांकि, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग सामान जैसे क्षेत्रों में अच्छी वृद्धि के कारण भारत का निर्यात भी 9.03 प्रतिशत बढ़कर 38.49 अरब डॉलर का हो गया, जो छह महीने में सबसे अधिक है।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध लिवाल रहे। उन्होंने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 8,831.05 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 16, 2025 09:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).