जयपुर, 19 जुलाई विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने के मामलों को लेकर बुधवार को विधानसभा में नारेबाजी और सदन से बहिर्गमन किया।
शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव आदि पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायकों ने यह मुद्दा उठाया।
नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा, ‘‘18 पेपर लीक हुए, 14 परीक्षाएं रद्द हुईं, 1.30 करोड़ परीक्षार्थी इन परीक्षाओं में बैठे। 400 करोड़ रुपए उन्होंने फीस के दिए और उनके अरमान टूट गए।’’
राठौड़ ने कहा, ‘‘राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई है। आरपीएससी ने अब तक जो परीक्षाएं करवाई हैं हम उनकी जांच सीबीआई से करवाने की मांग करते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम युवाओं के अरमान लुटने नहीं देंगे। अब नहीं सहेगा राजस्थान।’’
इसके बाद भाजपा विधायकों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और हंगामे के बीच बहिर्गमन किया। राठौड़ से पहले भाजपा विधायक वासुदेव देवनानी तथा अशोक लाहोटी ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी।
देवनानी ने कहा, ''राजस्थान भ्रष्टाचार में डूबता जा रहा है और अब आरपीएससी जैसी संवैधानिक संस्थाएं भी इसमें शामिल हो रही हैं। राजस्थान के 70 लाख से अधिक युवा परेशान हैं और न्याय की तलाश में हैं।”
उन्होंने कहा, ''मैं मांग करता हूं कि आरपीएससी को भंग कर दिया जाए और यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) की तर्ज पर नए सदस्यों की नियुक्ति की जाए।''
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY