देश की खबरें | आरएसपी नेता अबनी रॉय का निधन

नयी दिल्ली, 25 नवंबर रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद अबनी रॉय का बृहस्पतिवार को निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे।

रॉय ने दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में अंतिम सांस ली।

पार्टी के सूत्रों ने बताया रॉय की पार्थिव देह आरएसपी के सांसद एनके प्रेमचंद्रन के आवास पर ले जाया गया जहां विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि रॉय का अंतिम संस्कार लोधी रोड शवदाहगृह में किया गया।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने रॉय के निधन पर शोक व्यक्त किया।

उन्होंने ट्विटर पर कहा, “ वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद श्री अबनी रॉय के निधन के बारे में सुनकर गहरा दुख हुआ। उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति हार्दिक संवेदना।”

रॉय 1959 में 20 साल की उम्र से आरएसपी से जुड़े थे। वह पार्टी के केंद्रीय सचिवालय के सदस्य थे और कुछ समय के लिए पार्टी के महासचिव भी रहे थे। सांसद के तौर पर कार्याकल पूरा होने और बिगड़ती सेहत की वजह से सक्रिय राजनीति से सन्यास लेने के बाद वह यहां प्रेमचंद्रन के आवास पर रह रहे थे।

रॉय का चुनावी राजनीति में पहला प्रवेश 1978 में हुआ था, जब वह कोलकाता निगम के लिए चुने गए थे। वह 1998 में राज्यसभा पहुंचे थे और अगस्त 2011 तक उच्च सदन के सदस्य रहे। वह वाम दलों के उस शीर्ष नेतृत्व का हिस्सा थे, जो कांग्रेस के नेतृत्व वाले संप्रग से बातचीत कर रही थी। उस समय वाम दल मनमोहन सिंह सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे थे।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट किया, “ मेरे पास मई 2004 में उनके साथ संप्रग-एक के न्यूनतम साझा कार्यक्रम का प्रारूप तैयार करने को लेकर अच्छी यादे हैं। वह बहुत खुशमिज़ाज व्यक्ति थे।”

भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने यहां आरएसपी कार्यालय में अपनी संवेदना व्यक्त की और वरिष्ठ नेता को याद किया।

उन्होंने ट्वीट किया, “वह 84 वर्ष के थे और काफी समय से बीमार चल रहे थे। दिल्ली में ट्रेड यूनियनों और वाम दलों की कई बैठकों और सम्मेलनों में उनके साथ बातचीत करने की यादें हैं।”

टीएमसी सांसद डोला सेन ने जूट मिल श्रमिकों के लिए रॉय द्वारा निभाई गई भूमिका को याद किया।

उन्होंने कहा, “आदरणीय वरिष्ठ ट्रेड यूनियन नेता अबनी रॉय के निधन से दुखी हूं। कई अन्य लोगों की तरह, उन्होंने कनोरिया जूट श्रमिकों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके लिए बहुत सम्मान।”

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