नयी दिल्ली, 21 जनवरी सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 की अप्रैल-सितंबर अवधि में इलेक्ट्रॉनिक, औषधि सहित छह क्षेत्रों की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं के तहत 1,596 करोड़ रुपये वितरित किए हैं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
सरकार ने 2021 में दूरसंचार, ‘व्हाइट गुड्स’ यानी एसी व एलईडी लाइट, वस्त्र, चिकित्सकीय उपकरणों के विनिर्माण, मोटर वाहन, विशेष इस्पात, खाद्य उत्पादों, उच्च दक्षता वाले सौर पीवी मॉड्यूल, उन्नत रसायन सेल बैटरी, ड्रोन और औषधि जैसे 14 क्षेत्रों के लिए 1.97 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ पीएलआई योजनाओं की घोषणा की थी।
कुल 1,596 करोड़ रुपये में से अधिकतम 964 करोड़ रुपये बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के लिए पीएलआई योजना के तहत वितरित किए गए।
इसके अलावा औषधि के लिए 604 करोड़ रुपये, खाद्य उत्पाद के लिए 11 करोड़ रुपये, दूरसंचार के लिए नौ करोड़ रुपये, थोक दवाओं के लिए छह करोड़ रुपये और ड्रोन के विनिर्माण के लिए दो करोड़ रुपये वितरित किए गए।
अधिकारी ने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 तक वितरित प्रोत्साहन राशि 9,721 करोड़ रुपये थी।
उन्होंने कहा कि इस योजना का देश के सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) परिवेश पर व्यापक प्रभाव पड़ रहा है।
उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना का मकसद प्रमुख क्षेत्रों तथा अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी में निवेश आकर्षित करना, दक्षता सुनिश्चित करना, विनिर्माण क्षेत्र का व्यापक बनाना और भारतीय कंपनियों तथा विनिर्माताओं को वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी बनाना है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY