PM Modi's Interaction With World T20 Champions: कप्तान रोहित शर्मा ने पीएम मोदी को बताया- युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव ने मुझे उस तरह से ट्रॉफी उठाने का सुझाव दिया था
प्रधानमंत्री ने 2028 ओलंपिक में क्रिकेट को पदक खेलों की सूची में शामिल होने की बात की जिस पर द्रविड़ ने उम्मीद जताई कि बीसीसीआई और खिलाड़ी स्वर्ण पदक जीतने के लिए अपनी पूरी तैयारी करेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि इस टीम के बहुत सारे खिलाड़ी वहां (2028 ओलंपिक में) होंगे. वहां स्वर्ण पदक जीतने से ज्यादा खुशी की बात कुछ नहीं होगी.’’
नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब टी20 विश्व कप चैंपियन टीम से मुलाकात की तो कप्तान रोहित शर्मा ने विश्व कप ट्रॉफी उठाने से पहले अपनी डांस करने वाली भाव भांगिमा के बारे में उन्हें बताया जबकि जसप्रीत बुमराह ने वेस्टइंडीज में पसंदीदा 'इडली' और 'परांठा' नहीं मिलने की शिकायत की तो वहीं सूर्यकुमार यादव फाइनल मैच के अपने शानदार कैच के बारे में बात करते हुए पूरे जोश में दिखे.
टी20 विश्व कप विजेता खिलाड़ियों के साथ प्रधानमंत्री की बातचीत गुरुवार को हुई थी लेकिन बातचीत का विवरण शुक्रवार को जारी किया गया. मोदी ने इस दौरान ने इस दौरान खिलाड़ियों से हल्की-फुल्की बातचीत की और देश को गौरवान्वित करने के लिए उनकी पीठ थपथपाई. PM Modi's Interaction With World T20 Champions: टी20 वर्ल्ड चैंपियन भारतीय क्रिकेट टीम के साथ पीएम मोदी की बातचीत, बस एक क्लिक पर देखें पूरी वीडियो
रोहित ने इस मुलाकात के दौरान कहा, ‘‘यह हमारे लिए बहुत बड़ा पल था और हम लंबे समय से इसका इंतजार कर रहे थे. इसलिए, खिलाड़ियों ने कहा कि ट्रॉफी उठाने के लिए मंच पर जाते हुए कुछ अलग करना.’’
इस दौरान खिलाड़ियों की हंसी के बीच मोदी पूछा कि क्या यह तरीका युजवेंद्र चहल की दिमाग की उपज है. रोहित ने जवाब दिया, ‘‘यह चहल और कुलदीप (यादव) का विचार था.’’ प्रधानमंत्री ने बाद में कुलदीप से पूछा कि उन्होंने अपने कप्तान को डांस करने के लिए कहने की हिम्मत कैसे की.
हंसी के एक और दौर के बीच कुलदीप ने कहा, ‘‘उन्होंने वैसा नहीं किया जैसा मैंने उन्हें करने को कहा था.’’ टूर्नामेंट में 15 विकेट लेकर सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बने बुमराह से मोदी ने पूछा कि क्या वह अपनी पसंदीदा खाना इडली खाने के बाद मैदान पर गए थे?
इस तेज गेंदबाज ने कहा, ‘‘मुझे वेस्टइंडीज में कोई इडली या परांठा नहीं मिल रहा था. जो मिल रहा था हम लोग उसी से काम चला रहे थे.’’ सूर्यकुमार यादव द्वारा फाइनल में लिये गये यादगार कैच के बारे में मोदी ने जानना चाहा कि क्या खिलाड़ी इस तरह कैच लेने का अभ्यास करते हैं?
मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने मोदी को बताया कि सूर्यकुमार ने अभ्यास के दौरान कम से कम 150 ऐसे कैच पकड़े हैं. इस पर सूर्यकुमार यादव ने कहा, ‘‘आईपीएल से लेकर टूर्नामेंट (टी20 विश्व कप) की शुरुआत तक, मैंने इस तरह के कई कैच पकड़े हैं. लेकिन नहीं पता था कि भगवान मुझे ऐसी स्थिति में मौका देंगे. मैंने इस तरह की स्थिति के लिए अभ्यास किया.’’
उस पर मोदी ने कहा, ‘‘पूरा देश दबाव में था और उस कैच की वजह से मैच का रुख बदल गया. आप भाग्यशाली हैं कि यह कैच आपने लपका.’’ हरफनमौला हार्दिक पंड्या ने खुलासा किया कि इस कैच के बाद जश्न में टीम के खिलाड़ी सूर्यकुमार से यह पूछना भूल गये थे कि क्या उन्होंने सही तरीके से कैच लपका है.
उन्होंने कहा, ‘‘जब सूर्यकुमार ने कैच लिया, तो सभी ने जश्न मनाया, लेकिन बाद में उन्हें अहसास हुआ कि कम से कम हमें सूर्यकुमार से पूछना चाहिए कि क्या कैच सही था और उसकी पुष्टि लेनी चाहिए. फिर, उन्होंने कहा कि यह एकदम सही था और उसने मैच का रुख बदलने वाला कैच पकड़ा था.’’
पंड्या ने इसके बाद उस मुश्किल समय के बारे में बात की जो उन्होंने पिछले छह महीने में झेले थे.
मोदी ने जब विराट कोहली से फाइनल मैच की पारी के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस टूर्नामेंट में वो योगदान नहीं दे पाया जो मैं देना चाहता था. एक समय मैंने ने राहुल (द्रविड़) भाई से कहा कि मैंने अभी तक खुद और टीम के साथ न्याय नहीं किया.’’
फाइनल में ‘मैन ऑफ द मैच’ रहे कोहली ने कहा, ‘‘(फाइनल में) जब हम बल्लेबाजी के लिए उतरे तो मैंने पहली चार गेंदों पर तीन चौके लगाए. फिर मैंने जाकर रोहित से कहा कि यह कैसा खेल है, एक दिन ऐसा लगता है कि एक भी रन नहीं बनेगा और फिर दूसरा दिन आता है और सब कुछ होने लगता है.’’
फाइनल में भारत ने 34 रन पर तीन विकेट गंवा दिये थे. कोहली ने अक्षर पटेल के साथ साझेदारी कर मैच में टीम की वापसी कराई थी. कोहली ने कहा, ‘‘जब विकेट गिरे तो मुझे लगा कि ऐसी स्थिति में मुझे टीम के लिए अपना सब कुछ झोंक देना है. मेरा ध्यान इस पर था कि टीम के लिए इस समय क्या जरूरी है.’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे टीम के लिए अपना अहंकार पीछे छोड़ना पड़ा. मैंने खेल को ‘सम्मान’ दिया और उस दिन खेल ने मुझे सम्मान दिलाया. मुझे पता चल गया कि जब कुछ होना होता है तो वो हो जाता है. यह मेरे साथ और टीम के साथ होना ही था.’’
रोहित ने कहा कि खिलाड़ी टी20 विश्व कप जीतने के लिए बेताब थे. उन्होंने कहा, ‘‘हम पहली बार न्यूयॉर्क गए और वहां अभ्यास के लिए कोई अच्छा मैदान नहीं था, कठिनाइयां थीं. लेकिन कोई भी उन चीजों पर ध्यान नहीं दे रहा था. हर कोई सोच रहा था कि हम बारबाडोस में फाइनल कैसे खेलेंगे. मुझे ऐसी टीम का कप्तानी करके अच्छा लगा जिसमें सब का लक्ष्य एक जैसा हो.’’
भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘इस समूह का उद्देश्य विश्व कप जीतकर अगली पीढ़ी को प्रेरित करना है.’’
जीत के बाद रोहित द्वारा बारबाडोस के विकेट की मिट्टी चखने की बात पर मोदी ने कहा कि कोई ‘हिंदुस्तानी’ ही ऐसा कर पाएगा. उन्होंने कहा,‘‘क्रिकेटर की जिंदगी पिच पर होती है और आपने क्रिकेट की जिंदगी को चूम लिया, ये सिर्फ एक हिंदुस्तानी ही कर सकता है.’’
रोहित ने कहा, ‘‘जहां हम जीत हासिल करते हैं, पिच और उस एक पल मैं हमेशा याद रखना चाहते है. इसलिए मैंने इसका स्वाद चखा.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि क्रिकेट टीम की सफलता सिर्फ एक खेल तक सीमित नहीं है. इसका दूसरे खेले पर भी प्रभाव है.
उन्होंने कहा, ‘‘ भारतीय क्रिकेट की यात्रा बड़ी सफल रही है, क्रिकेट ने और खेलों में भी महत्वाकांक्षा देने का काम किया है. और खेल के लोग सोचते हैं कि क्रिकेट में हो सकता है तो यहां क्यों नहीं हो सकता है. आपके माध्यम से बहुत बड़ी सेवा हो रही है.’’
प्रधानमंत्री ने 2028 ओलंपिक में क्रिकेट को पदक खेलों की सूची में शामिल होने की बात की जिस पर द्रविड़ ने उम्मीद जताई कि बीसीसीआई और खिलाड़ी स्वर्ण पदक जीतने के लिए अपनी पूरी तैयारी करेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि इस टीम के बहुत सारे खिलाड़ी वहां (2028 ओलंपिक में) होंगे. वहां स्वर्ण पदक जीतने से ज्यादा खुशी की बात कुछ नहीं होगी.’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 05, 2024 08:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

