नयी दिल्ली, छह मई मुख्य कोच गौतम गंभीर ने मंगलवार को कहा कि रोहित शर्मा और विराट कोहली जब तक अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं तब तक उन्हें भारतीय टीम का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने हालांकि साथ ही दावा किया कि इंग्लैंड के आगामी टेस्ट दौरे के लिए इन दो सीनियर बल्लेबाजों को चुना जाए या नहीं यह तय करने में उनकी कोई भूमिका नहीं होगी।
इंग्लैंड में टेस्ट कप्तान के रूप में 38 वर्षीय रोहित के भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। 36 वर्षीय कोहली के बारे में चर्चा बहुत अधिक नहीं है लेकिन उनके भविष्य पर भी सवाल उठ रहे हैं।
एबीपी न्यूज के ‘इंडिया एट 2047’ समिट में बोलते हुए गंभीर ने सीनियर खिलाड़ियों के भविष्य पर टिप्पणी करने से बचने की कोशिश की। उन्होंने कहा, ‘‘सबसे पहली बात, कोच का काम टीम का चयन करना नहीं है। चयन करना चयनकर्ताओं का काम है। कोच केवल उन 11 खिलाड़ियों का चयन करता है जो मैच खेलेंगे। ना तो मेरे से पहले कोचिंग करने वाले चयनकर्ता थे और ना ही मैं चयनकर्ता हूं।’’
अधिक जोर दिए जाने पर गंभीर ने कहा, ‘‘जब तक वे (रोहित और कोहली) अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं तब तक उन्हें टीम का हिस्सा होना चाहिए। आप कब खेलना शुरू करते हैं और कब खेलना बंद करते हैं, यह आपका व्यक्तिगत फैसला है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कोई कोच, कोई चयनकर्ता, कोई बीसीसीआई आपको यह नहीं बता सकता कि आपको कब खेलना बंद कर देना चाहिए। अगर आप अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो 40 की उम्र क्यों, आप 45 साल तक खेल सकते हैं, आपको कौन रोक रहा है?’’
भारत 20 जून से शुरू होने वाली पांच टेस्ट मैच की श्रृंखला के लिए इंग्लैंड का दौरा करेगा।
गंभीर ने दोनों सीनियर खिलाड़ियों के टेस्ट भविष्य पर कोई निश्चित जवाब नहीं दिया लेकिन दक्षिण अफ्रीका में 2027 एकदिवसीय विश्व कप तक उनके खेलने की क्षमता पर कोच का दृष्टिकोण थोड़ा अधिक सकारात्मक था।
उन्होंने कहा,‘‘यह (2027 एकदिवसीय विश्व कप में खेलना) उनके प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। केवल यही उनका चयन सुनिश्चित कर सकता है।’’
ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट दौरे के दौरान निराशाजनक प्रदर्शन के लिए आलोचना झेलने वाले इन दोनों बल्लेबाजों ने चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान काफी अच्छा प्रदर्शन किया और गंभीर ने इस बात को स्वीकार किया।
उन्होंने कहा, ‘‘और मैं उनके प्रदर्शन के बारे में क्या कहूं? दुनिया ने देखा कि उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी में कैसा प्रदर्शन किया।’’
गंभीर ने योजनाबद्ध विदाई की अवधारणा को भी खारिज किया और कहा कि कोई भी क्रिकेटर इसे सोचकर नहीं खेलता।
उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी खिलाड़ी भव्य विदाई के बारे में सोचकर क्रिकेट नहीं खेलता। विदाई की जगह, हमें यह याद रखने की कोशिश करनी चाहिए कि उन्होंने देश के लिए कैसे और किन परिस्थितियों में मैच जीते हैं।’’
गंभीर ने कहा, ‘‘उन्हें विदाई मिले या ना मिले, यह महत्वपूर्ण नहीं है। अगर उन्होंने देश के लिए योगदान दिया है तो यह अपने आप में एक बड़ी विदाई है। क्या देशवासियों के प्यार से बड़ी कोई ट्रॉफी हो सकती है? क्रिकेटरों के लिए विदाई मायने नहीं रखती।’’
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