गुवाहाटी, 31 जुलाई असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को कहा कि भारत में रोहिंग्या घुसपैठ काफी बढ़ गई है तथा जनसांख्यिकी में बदलाव आने का खतरा वास्तविक और गंभीर है।
शर्मा ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘रोहिंग्या लगातार भारत-बांग्लादेश सीमा का इस्तेमाल करके भारत में आ रहे हैं और कई राज्य जनसांख्यिकीय बदलाव की समस्या का सामना कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि असम, भारत-बांग्लादेश सीमा के केवल एक हिस्से की पहरेदारी कर रहा है, लेकिन एक बड़ा क्षेत्र अभी भी खुला है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल और झारखंड सरकारें इन घुसपैठियों के प्रति नरम रुख अपना रही हैं और इसे रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की है।
शर्मा ने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री (ममता बनर्जी) ने बयान दिया था कि राज्य बांग्लादेश से आने वालों को शरण देगा, जिसका पड़ोसी देश की सरकार ने भी समर्थन नहीं किया।’’
उन्होंने कहा कि असम और त्रिपुरा सरकारों ने इस मामले में कड़े कदम उठाए हैं और दोनों राज्यों की पुलिस ने कई मौकों पर कई रोहिंग्या घुसपैठियों को गिरफ्तार किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘असम अब रोहिंग्या के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं रहा, क्योंकि हम नरम नीति नहीं अपनाते। हमारी स्थिति पश्चिम बंगाल और झारखंड से बेहतर है। असम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार के सत्ता में आने के बाद से स्थिति खराब नहीं हुई है।’’
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