देश की खबरें | आरएलपी ने 'अग्निपथ' के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने अल्पकालिक अवधि के लिए संविदा नियुक्ति के आधार पर सेनाओं में युवाओं की भर्ती की केंद्र सरकार की ‘अग्निपथ’ योजना के खिलाफ आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है, जिसकी शुरुआत वह 27 जून को जोधपुर शहर में विरोध-प्रदर्शन से करेगी।
जयपुर, 18 जून राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने अल्पकालिक अवधि के लिए संविदा नियुक्ति के आधार पर सेनाओं में युवाओं की भर्ती की केंद्र सरकार की ‘अग्निपथ’ योजना के खिलाफ आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है, जिसकी शुरुआत वह 27 जून को जोधपुर शहर में विरोध-प्रदर्शन से करेगी।
पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने शनिवार को यहां संवाददाताओं को यह जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से 'अग्निपथ' योजना को वापस लेने की मांग की।
बेनीवाल ने कहा,‘‘अग्निपथ योजना के खिलाफ 27 जून को जोधपुर में प्रदर्शन करेंगे। जोधपुर के बाद चरणबद्ध तरीके से जयपुर की ओर कूच करेंगे। आवश्यकता होने पर दिल्ली की ओर कूच करेंगे और आर-पार की लड़ाई होगी।’’
प्रधानमंत्री का जिक्र करते उन्होंने कहा कि सवाल किसान के बाद जवान का है, अगर जवान नहीं बचेगा तो देश नहीं बचेगा।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की 'अग्निपथ' योजना के खिलाफ राजस्थान के अनेक हिस्सों में युवाओं का विरोध- प्रदर्शन शनिवार को चौथे दिन भी जारी रहा।
बेनीवाल ने इस योजना को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पहले किसानों के खिलाफ काले कानून लेकर आई और उसे किसान आंदोलन के आगे झुकना पड़ा।
उन्होंने कहा,‘‘हमें लगता है कि किसान आंदोलन में जो सरकार की किरकिरी हुई उसका बदला लेने के लिए पहले किसान और अब जवान... सेना को भी पर्यटन बना दिया। क्योंकि सबसे अधिक किसान के बेटे सेना में नौकरी के लिए जाते हैं।’’
बेनीवाल ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि वह समय रहते योजना को वापस ले ले, नहीं तो साल 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में वापस आने का सपना देश के जवान चूर-चूर कर देंगे।
उन्होंने कहा कि एक दर्जन से अधिक राज्यों में केंद्र के संविदा पर सेनिकों की भर्ती करने के निर्णय के विरोध में आंदोलन हो रहा है, समय रहते केंद्र को अपने इस फैसले को बदलने की जरूरत है।
इसके साथ ही सांसद ने नौजवानों से अपील की कि वे हिंसा का रास्ता अख्तियार न करें। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ते हुए दिल्ली-केंद्र की सरकार को झुकाना है।
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