जरुरी जानकारी | उत्तरी दिल्ली के बुलेवार्ड रोड में रेलवे कॉलोनी का पुनर्विकास करेगा आरएलडीए

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नयी दिल्ली, 13 जून रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) उत्तरी दिल्ली में राजपुर रोड के पास तीस हजारी मेट्रो स्टेशन से सटे बुलेवार्ड रोड पर एक ‘रेलवे कॉलोनी का पुनर्विकास करेगा।’

आरएलडीए की यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार 5.38 हेक्टेयर आकार के भूखंड वाले इस स्थान को आवासीय परियोजना के रूप में विकसित किया जाएगा। यह ‘‘दिल्ली के मास्टर प्लान 2021 में जोन-सी के तहत उल्लिखित बंगला जोन, सिविल लाइंस, उत्तरी दिल्ली में एक प्रीमियम क्षेत्र से समीपता का अनुभव देगा।’ औपनिवेशिक शासन के दौरान सिविलियन क्वार्टर के रूप में स्थापित यह इलाका दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली विधानसभा, तीस हजारी कोर्ट आदि जैसे प्रमुख स्थानों के करीब है।

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दिल्ली मास्टर प्लान -2021 के अनुसार, परियोजना सिविल लाइन्स बंगला ज़ोन में आती है और जोन सी (सिविल लाइन्स) के लिए विकास नियंत्रण विनियम (डीसीआर) और जोनल डेवलपमेंट प्लान द्वारा संचालित होती है। इसके अलावा, दिल्ली मास्टर प्लान 2021 और यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज के तहत निर्धारित नियमों को भी साइट पर लागू किया जाएगा। दिल्ली के भीतर अन्य स्थानों पर मौजूदा रेलवे क्वार्टरों के स्थानांतरण के तुरंत बाद यह भूखंड आवासीय विकास के लिए उपलब्ध होगा। ठेका आवंटन के बाद दो साल के भीतर इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

रेल भूमि विकास प्राधिकरण के वाइस-चेयरमैन वेद प्रकाश डुडेजा ने कहा कि, “यह रेलवे कॉलोनी आवासीय विकास के लिए काफी संभावनाएं रखती है। प्रस्तावित आवासीय विकास को अत्याधुनिक सुविधाओं से संपन्न एक बेहतर आवासीय स्थल के रूप में माना जा रहा है। इसकी रणनीतिक लोकेशन और तीस हजारी मेट्रो स्टेशन, आईएसबीटी कश्मीरी गेट, नॉर्थ कैंपस व विधानसभा से बेहतर कनेक्टिविटी इसे घर के मालिकों के लिए एक पसंदीदा स्थान बनाएगी।”

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आरएलडीए के पास लीजिंग के लिए भारत भर में 70 से अधिक स्थल उपलब्ध हैं और प्रत्येक के लिए योग्य डेवलपर्स का चयन एक खुली और पारदर्शी बोली प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। रेल भूमि विकास प्राधिकरण रेल मंत्रालय के अधीन एक सांविधिक प्राधिकरण है। इसकी स्थापना गैर-भाड़ा उपायों द्वारा राजस्व अर्जन के उद्देश्य से रेल भूमि का वाणिज्यिक विकास करने के लिये हुई थी। वर्तमान में, भारतीय रेलवे के पास पूरे देश में लगभग 43,000 हेक्टेयर खाली भूमि है।

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