जरुरी जानकारी | आंध्र प्रदेश की इस्पात परियोजना के लिए संयुक्त कार्यसमूह बनाएंगी आरआईएनएल, पॉस्को

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नयी दिल्ली, 23 अगस्त इस्पात मंत्रालय ने आरआईएनएल तथा दक्षिण कोरिया की कंपनी पॉस्को को आंध्र प्रदेश में नयी परियोजना की अपनी योजना के लिए संयुक्त कार्यसमूह बनाने को कहा है।

दक्षिण कोरिया की इस्पात क्षेत्र की दिग्गज कंपनी तथा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी आरआईएनएल के बीच काफी लंबे समय से मूल्यवर्धित विशेष ग्रेड के इस्पात के विनिर्माण के लिए संयुक्त उद्यम लगाने को बातचीत चल रही है।

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मंत्रालय ने कहा, ‘पॉस्को स्टील की विशाखापत्तनम में प्रस्तावित नयी परियोजना में निवेश पर कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये विचार-विमर्श किया गया।’’

मंत्रालय ने कहा कि पॉस्को और आरआईएनएल के बीच जो सहमति ज्ञापन (एमओयू) हुआ है उसके क्रियान्वयन के लिए संयुक्त कार्यसमूह के गठन पर सहमति बनी है। इसमें दोनों कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल रहेंगे। दोनों कंपनियों के बीच आरआईएनएल के स्वामित्व वाली जमीन पर निवेश के बारे में एमओयू हुआ है।

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मंत्रालय ने कहा कि संयुक्त कार्यसमूह की नियमित बैठक होगी, जिससे एमओयू के क्रियान्वयन को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। एक अधिकारी ने बताया कि दोनों कंपनियों के बीच एमओयू पिछले साल के आखिर में हुआ था।

एक अधिकारी ने कहा कि संयुक्त कार्यसमूह अब अंतिम करार के पहलुओं पर काम करेगा। मसलन संयुक्त उद्यम में दोनों कंपनियों की हिस्सेदारी क्या रहेगी, निवेश की राशि क्या होगी। जुलाई, 2019 में पॉस्को के वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्कालीन इस्पात सचिव बिनय कुमार से मुलाकात कर अपना निवेश प्रस्ताव सौंपा था।

यह पहला मौका नहीं है जब पॉस्को भारत में रुचि दिखा रही है। इससे पहले पॉस्को ने ओड़िशा के जगतसिंहपुर में 52,000 करोड़ रुपये की लागत से 1.2 करोड़ टन सालाना उत्पादन के संयंत्र का प्रस्ताव किया था। पॉस्को और ओड़िशा सरकार के बीच इस बारे में 2005 में एमओयू भी हुआ था। हालांकि, विभिन्न कारणों से यह परियोजना आगे नहीं बढ़ पाई थी।

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