देश की खबरें | आरजीसीबी के दूसरे परिसर का नाम गोलवलकर के नाम पर रखने का फैसला राजनीतिक लाभ के लिए: विजयन
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

तिरुवनंतपुरम, 12 दिसम्बर केरल के मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन ने यहां राजीव गांधी जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (आरजीसीबी) के दूसरे परिसर का नामकरण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दिवंगत विचारक एम एस गोलवलकर के नाम पर करने संबंधी केंद्र सरकार के फैसले की शनिवार को निंदा की और कहा कि यह कदम ‘‘तर्कहीन’’ और राजनीतिक लाभ के लिए है।

विजयन ने हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डा. हर्षवर्धन को पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ख्याति के कुछ प्रख्यात भारतीय वैज्ञानिक के नाम पर संस्थान का नाम रखने का आग्रह किया था।

यह भी पढ़े | मोदी सरकार के नए कानून से 24 घंटे में धान खरीदने के लिए तैयार हुई कंपनी, किसानों को मिला न्याय.

मुख्यमंत्री ने एक फेसबुक पोस्ट में शनिवार को केन्द्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि गोलवलकर के नाम का प्रस्ताव करने का उद्देश्य राजनीतिक लाभ के लिए केन्द्रीय अनुंसधान संस्थान का इस्तेमाल करना है।

उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार की विकास और कल्याणकारी गतिविधियों से लोगों का ध्यान हटाने की कोशिश है। उन्होंने यह जानने की मांग की कि विज्ञान को आगे बढ़ाने और उसके विकास के लिए गोलवलकर का क्या योगदान था।

यह भी पढ़े | अयोध्या को और भव्य स्वरूप देने के लिए 343 गांव शामिल, यूपी कैबिनेट ने दी मंजूरी.

विजयन ने पोस्ट में कहा कि अल्पसंख्यकों और कम्युनिस्टों को राष्ट्र का ‘‘आंतरिक दुश्मन’’ माना जाता था और गोलवलकर का मानना था कि उन्हें खत्म कर दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जो लोग सत्ता में में हैं, उन्हें संविधान के अनुसार काम करना चाहिए। उन्होंने कहा , ‘‘देश के विकास के लिए यह आवश्यक है।’’

सत्तारूढ़ वामदल और विपक्षी कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि वह सभी चीजों में सांप्रदायिकता बरत रही है और उन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में आरएसएस नेता के योगदान पर सवाल उठाये थे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)