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जरुरी जानकारी | चालू वित्तीय वर्ष में राज्यों का राजस्व कोविड पूर्व के स्तर को पार कर जाएगा: रिपोर्ट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मुख्य रूप से ईंधनों से हासिल होने वाले करों की प्राप्तयों में उछाल और केंद्रीय अनुदानों के बढ़ने से चालू वित्तीय वर्ष में राज्यों का राजस्व बढ़कर कोविड पूर्व के स्तर को पार कर जाएगा। कोविड की तीसरी लहर न आने की मान्यता के आधार पर एक ताजा रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है।

जरुरी जानकारी | चालू वित्तीय वर्ष में राज्यों का राजस्व कोविड पूर्व के स्तर को पार कर जाएगा: रिपोर्ट

मुंबई, 24 जून मुख्य रूप से ईंधनों से हासिल होने वाले करों की प्राप्तयों में उछाल और केंद्रीय अनुदानों के बढ़ने से चालू वित्तीय वर्ष में राज्यों का राजस्व बढ़कर कोविड पूर्व के स्तर को पार कर जाएगा। कोविड की तीसरी लहर न आने की मान्यता के आधार पर एक ताजा रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है।

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने बृहस्पतिवार को एक रिपोर्ट में कहा कि ईंधनों की कीमतों में भारी वृद्धि की वजह से, इससे मिलने वाले राजस्व का योगदान मौजूदा वित्तीय वर्ष में 50 प्रतिशत की वृद्धि के साथ पिछले वित्तीय वर्ष के 20 प्रतिशत योगदान की तुलना में 30 प्रतिशत हो जाएगा। हालांकि ईंधनों की कुल बिक्री में कमी दर्ज की जाएगी।

ईंधनों से मिलने वाला कर राज्यों के राजस्व में 10 प्रतिशत का योगदान देता है।

पिछले वित्तीय वर्ष में 10 राज्यों के राजस्व में 6 प्रतिशत की गिरावट हुई थी लेकिन इस वित्तीय वर्ष में यह महामारी पूर्व का स्तर पार कर जाएगा। इसकी वजह पेट्रोलियम उत्पादों से मिलने वाले बिक्री कर संग्रहों में उछाल और 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद अनुदानों में वृद्धि है।

यह आकलन 10 बड़े राज्यों के अनुमानों पर आधारित है जिनकी सम्मिलित सकल राज्य घरेलू उत्पाद में करीब 70 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इन राज्यों में - महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और केरल शामिल हैं।

राज्यों के राजस्व में 20 प्रतिशत का योगदान देने वाले जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) संग्रहों में आर्थिक गतिविधियों में आयी तेजी के साथ वित्तीय वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही में सुधार हुआ।

राज्यों के राजस्व में केंद्रीय करों में हिस्सा (25 प्रतिशत) , राज्य जीएसटी (21 प्रतिशत), केंद्र से अनुदान (17 प्रतिशत) तथा पेट्रोल और अल्कोहल पर बिक्री कर (13 प्रतिशत) का बड़ा योगदान है।

रिपोर्ट में हालांकि कहा गया, अगर देश में कोविड-19 की और तीव्र तीसरी लहर आती है और लॉकडाउन लगता है तो अनुमान में नकारात्मक बदलाव किया जा सकता है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 24, 2021 05:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).