देश की खबरें | सीएम राहत कोष में चंदा को सीएसआर खर्च मानने की मांग वाली राजस्थान की याचिका पर केंद्र से जवाब तलब

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने कांग्रेस नीत राजस्थान सरकार की तरफ से दायर एक मुकदमे पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। राजस्थान सरकार ने ‘‘पीएम केयर्स फंड’’ की तर्ज पर मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) में दिए गए चंदे को भी कंपनी कानून के तहत कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत खर्च के तौर पर शामिल करने की मांग की है।

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नयी दिल्ली, 16 जून उच्चतम न्यायालय ने कांग्रेस नीत राजस्थान सरकार की तरफ से दायर एक मुकदमे पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। राजस्थान सरकार ने ‘‘पीएम केयर्स फंड’’ की तर्ज पर मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) में दिए गए चंदे को भी कंपनी कानून के तहत कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत खर्च के तौर पर शामिल करने की मांग की है।

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति एम. आर. शाह तथा ए एस बोपन्ना की पीठ ने याचिका पर कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय को नोटिस जारी किया जिसमें मंत्रालय के दस अप्रैल के सर्कुलर को चुनौती दी गई, जिसमें कहा गया है ‘‘मुख्यमंत्री राहत कोष’’ या ‘कोविड-19 के लिए राज्य राहत कोष’ को कंपनी कानून, 2013 की सातवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया गया है और इसलिए इस तरह के कोष में किसी भी तरह का योगदान सीएसआर खर्च के लिए स्वीकार्य नहीं होगा।

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सीएसआर सामान्य तौर पर कंपनी का उत्तरदायित्व समुदाय और पर्यावरण, पारिस्थितिकी एवं सामाजिक दोनों के लिए होता है और यह व्यवसाय करने का एक तरीका है जिसके माध्यम से कॉरपोरेट इकाइयां सामाजिक कार्यों में योगदान करती हैं।

राज्य सरकार ने कहा कि केंद्र के सर्कुलर ने सीएमआरएफ को सीएसआर गतिविधियों के दायरे से बाहर कर दिया है, जो कानून में निर्धारित है।

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वरिष्ठ वकील मनीष सिंघवी के माध्यम से दायर याचिका में राजस्थान ने कहा कि इसने अलग से ‘‘राजस्थान सीएमआरएफ कोविड-19 मिटिगेशन फंड’’ बनाया है जो मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत कोविड-19 के प्रतिकूल असर का मुकाबला करने के लिये एक अकाउंट है।

वकील संदीप कुमार झा की तरफ से संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत दायर मुकदमे में राज्य सरकार ने निर्देश देने की मांग की है कि केंद्र के सर्कुलर को इसके सीएमआरएफ के लिए लागू नहीं किया जाए और इसे ‘‘भेदभावपूर्ण’’ करार दिया जाए और ‘‘अमान्य’’ किया जाए।

राजस्थान ने कहा कि इसके ‘सीएमआरएफ कोष’ का उद्देश्य ‘‘जमीनी स्तर पर आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कोष उपलब्ध कराना है, जैसे प्रयोगशाला में जांच मुहैया कराना, बचाव के उपकरण, मास्क, सैनिटाइजर, चिकित्सकीय एवं गैर चिकित्सकीय उपकरण तथा दवाएं खरीदना है।’’

याचिका में कहा गया है कि इसका उद्देश्य राज्य में महामारी से पीड़ित लोगों को राशन, भोजन के पैकेट, परिवहन, दवाएं आदि उपलब्ध कराना है।

इसने कहा कि सर्कुलर में ‘पीएम केयर्स फंड’ में दिया गया योगदान सीएसआर खर्च के तौर पर माना जाएगा लेकिन यह लाभ विशेष सीएमआरएफ कोष को नहीं दिया गया है।

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