जरुरी जानकारी | पीएमसी बैंक के यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक में विलय का रिजर्व बैंक ने जारी किया मसौदा

मुंबई, 22 नवंबर भारतीय रिजर्व बैंक ने संकटग्रस्त पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक के दिल्ली के यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक (यूएसएफबी) द्वारा अधिग्रहण किए जाने संबंधी योजना का मसौदा जारी किया है।

रिजर्व बैंक ने सोमवार को कहा कि विलय की इस योजना के मसौदे के तहत यूएसएफबी बैंक पीएमसी बैंक की संपत्तियों और देनदारियों सहित जमाओं का अधिग्रहण करेगा। इससे बैंक के जमाकर्ताओं को बेहतर संरक्षण मिल सकेगा।

सितंबर, 2019 में रिजर्व बैंक ने पीएमसी बैंक के निदेशक मंडल को हटाकर उसे नियामकीय अंकुशों के तहत डाल दिया था। बैंक के ग्राहकों के लिए निकासी की सीमा भी लगाई गई थी। बैंक में कई वित्तीय अनियमितताएं सामने आने के बाद केंद्रीय बैंक ने यह कदम उठाया था।

यूएसएफबी का गठन 1,100 करोड़ रुपये की पूंजी के साथ किया गया है। हालांकि, इस तरह के बैंक की स्थापना के लिए नियामकीय जरूरत सिर्फ 200 करोड़ रुपये की होती है।

केंद्रीय बैंक ने कहा कि वह इस योजना के मसौदे पर 10 दिसंबर को शाम पांच बजे तक सुझाव और आपत्तियां लेगा। उसके बाद वह इस अधिग्रहण योजना पर अंतिम निर्णय लेगा।

यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक लि., सेंट्रम ग्रुप और भारतपे का संयुक्त उद्यम है। इसने एक नवंबर, 2021 को लघु वित्त बैंक के रूप में परिचालन शुरू किया था।

रिजर्व बैंक द्वारा सोमवार को जारी विलय मसौदे के अनुसार, बैंक के खुदरा जमाकर्ता यदि नई इकाई के साथ अपना खाता जारी रखने को इच्छुक नहीं हैं, तो उन्हें चरणबद्ध तरीके से अपनी जमा निकालने की अनुमति दी जाएगी। शुरुआत में जमा बीमा एवं ऋण गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) से मिली बीमा राशि को पात्र जमाकर्ताओं के बीच वितरित किया जाएगा। इसकी सीमा पांच लाख रुपये तक होगी।

उसके बाद खुदरा जमाकर्ताओं को चरणबद्ध तरीके से अतिरिक्त राशि निकालने की अनुमति दी जाएगी। वे दो साल के बाद 50,000 रुपये, तीन साल पूरे होने पर एक लाख रुपये और चार साल बाद तीन लाख रुपये तथा पांच साल बाद 5.5 लाख रुपये निकाल सकेंगे।

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