जरुरी जानकारी | रिजर्व बैंक गवर्नर ने मौद्रिक उपायों के प्रभाव के बारे में केंद्रीय बोर्ड को जानकारी दी

मुंबई, 26 जून भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने शुक्रवार को बैंक के केंद्रीय बोर्ड के सदस्यों को मौद्रिक और नियामकीय उपायों के प्रभाव के बारे में जानकारी दी। केंद्रीय बैंक ने कोविड-19 के मद्देनजर अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए अनेक उपाय किए है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई बैठक के बाद जारी बयान में रिजर्व बैंक ने कहा कि अन्य बातों के अलावा केंद्रीय बोर्ड ने मौजूदा वृहद आर्थिक स्थिति और कोरोना वायरस की वजह से पैदा हुई चुनौतियों पर चर्चा की।

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बयान में कहा गया है कि शुरुआत में गवर्नर और डिप्टी गवर्नरों ने बोर्ड को सकल वृहद आर्थिक स्थिति ... घरेलू और वैश्विक दोनों की जानकारी दी। बोर्ड को वित्तीय क्षेत्र की स्थिति, विभिन्न मौद्रिक उपायों के प्रभाव, कोविड-19 के मद्देनजर रिजर्व बैंक द्वारा किए गए नियामकीय और अन्य उपायों के बारे में बताया गया।

बोर्ड की बैठक में मौजूदा आर्थिक स्थिति और महामारी की वजह से पैदा हो रही चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा बैठक में जुलाई, 2019 से जून, 2020 के दौरान रिजर्व बैंक की गतिविधियों, जुलाई 2020 से मार्च 2021 के (सरकार के वित्तीय वर्ष के अनुरूप) नये लेखा वर्ष के बजट और अन्य नीतिगत तथा परिचालन से जुड़े मसलों पर विचार-विमर्श किया गया।

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कोविड-19 के मद्देनजर अर्थव्यवस्था को समर्थन के लिए रिजर्व बैंक ने कई कदम उठाए हैं। इनमें महत्वपूर्ण नीतिगत दरों में कटौती तथा उद्योग को मदद के उपाय शामिल हैं।

बैठक में रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर बी पी कानूनगो, महेश कुमार जैन तथा माइकल देवव्रत पात्रा तथा केंद्रीय बोर्ड के अन्य निदेशक और केंद्रीय वित्त मंत्रालय के सचिव भी शामिल हुए। यह रिजर्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड की 583वीं बैठक थी।

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