देश की खबरें | संसद सत्र में हिस्सा लेने के इंजीनियर रशीद के अनुरोध पर एनआईए से जवाब तलब

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली की एक अदालत ने जेल में बंद जम्मू-कश्मीर के सांसद इंजीनियर रशीद की संसद के आगामी सत्र में हिस्सा लेने के अनुरोध वाली याचिका पर सोमवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से जवाब तलब किया।

नयी दिल्ली, तीन मार्च दिल्ली की एक अदालत ने जेल में बंद जम्मू-कश्मीर के सांसद इंजीनियर रशीद की संसद के आगामी सत्र में हिस्सा लेने के अनुरोध वाली याचिका पर सोमवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से जवाब तलब किया।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंद्रजीत सिंह ने एनआईए को रशीद की याचिका पर पांच मार्च तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

अधिवक्ता विख्यात ओबेरॉय के माध्यम से 27 फरवरी को दायर याचिका में इस आधार पर राहत देने का अनुरोध किया गया है कि रशीद एक सांसद हैं और उनका संसद के आगामी सत्र में हिस्सा लेना जरूरी है, ताकि वह अपने सार्वजनिक कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।

इंजीनियर रशीद के नाम से मशहूर शेख अब्दुल रशीद ने 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामूला सीट पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला को हराया था।

रशीद की नियमित जमानत अर्जी फिलहाल अदालत में लंबित है।

संसद के बजट सत्र का दूसरा भाग 10 मार्च से शुरू होगा और चार अप्रैल तक चलेगा।

न्यायाधीश ने 10 सितंबर को रशीद को अंतरिम जमानत दे दी थी, ताकि वह जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार कर सकें। रशीद ने 27 अक्टूबर को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया था।

एनआईए ने आतंकवाद के वित्त पोषण से जुड़े 2017 के एक मामले में रशीद को 2019 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार किया था। वह तभी से तिहाड़ जेल में बंद हैं।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 24 फरवरी को सत्र न्यायाधीश को मामले में रशीद की जमानत याचिका पर जल्द फैसला लेने का निर्देश दिया था।

उच्च न्यायालय ने 24 दिसंबर 2024 के आदेश के मद्देनजर यह निर्देश पारित किया था, जिसके तहत सत्र न्यायालय ने जिला न्यायाधीश से अनुरोध किया था कि वह मामले को सांसदों के मामलों की सुनवाई के लिए नामित अदालत में स्थानांतरित कर दें।

रशीद का नाम कश्मीरी व्यवसायी जहूर वताली से पूछताछ के दौरान सामने आया था, जिन्हें एनआईए ने कश्मीर घाटी में आतंकवादी समूहों और अलगाववादियों का वित्त पोषण करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

एनआईए ने इस मामले में कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक, लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन सहित कई लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है।

अदालत ने आरोपों के संबंध में अपना गुनाह कबूल करने के बाद मलिक को 2022 में उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

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