जरुरी जानकारी | अंतरराज्यीय पारेषण प्रणाली जल्द पूरा करने के लिए बाधाओं को दूर करें: आर के सिंह

नयी दिल्ली, 14 जुलाई केंद्रीय बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने अंतरराज्यीय पारेषण प्रणाली (आईएसटीएस) की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को ऐसी परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के लिए समस्याओं को सुलझाने का निर्देश दिया है। शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

बयान के अनुसार, मंत्री ने राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के लिए अंतरराज्यीय पारेषण योजना की समीक्षा की। बयान में कहा गया है कि उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यों के लिए अंतरराज्यीय और राज्य के भीतर पारेषण योजनाओं की भी समीक्षा की।

मंत्री ने बृहस्पतिवार को जयपुर में इस बैठक की अध्यक्षता की थी।

बयान के अनुसार, “सिंह ने योजना और बोली चरणों में पहुंच चुकीं एवं कार्यान्वयन वाली परियोजनाओं की प्रगति पर भी गौर किया। परियोजना कार्यान्वयन में आने वाली बाधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसके आधार पर मंत्री ने परियोजना को शीघ्र पूरा करने के लिए मसलों का हल करने के निर्देश जारी किए।”

भारत 2030 तक बिजली की कुल स्थापित क्षमता में स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत करने का लक्ष्य हासिल करने को प्रतिबद्ध है और इसके लिए संबंधित पारेषण बुनियादी ढांचे का विकास महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि 2030 तक देश की स्थापित बिजली क्षमता बढ़कर 777 गीगावॉट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) से अधिक होने और अधिकतम मांग 335 गीगावॉट तक पहुंचने की उम्मीद है।

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