नयी दिल्ली, 17 अगस्त रिलायंस कैपिटल ने सोमवार को बताया कि उच्च न्यायालय ने बैंक आफ बड़ौदा की अगुवाई में उसे कर्ज देने वाले बैंकों को आदेश दिया है कि वे उसकी दो कंपनियों के बैंक खातों को धोखाधड़ी वाले खाते घोषित करने की कार्रवाई स्थगित रखे।
रिलायंस कैपिटल और उसकी अनुषंगी कंपनी रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) ने शेयर बाजारों को यह जानकारी दी। इसमें कहा गया है कि दोनों कंपनियां ने बैंक आफ बड़ौदा के नेतृत्व वाले बैंक समूह की आरएचएफएल और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) के खातों को धोखाधड़ी वाला खाता घोषित किये जाने की कार्रवाई के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटाखटाया है।
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उच्च न्यायालय ने आदेश दिया है कि आरएचएफएल और आरसीएफएल को रिणदाता बैंक समूह द्वारा ‘‘धोखाधड़ी’’ वाले खाते के तौर पर वर्गीकृत करने की कार्रवाई को ‘‘स्थगित रखा जाना चाहिये।’’
शेयर बाजारों को भेजी जानकारी में कहा गया है कि अदालत ने कहा है कि मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर 2020 होने से पहले कंपनियों के हित के खिलाफ कोई भी कदम नहीं उठाया जाना चाहिये।
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आरसीएफएल, रिलायंस कंपिटल की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है।
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