नयी दिल्ली, 29 मई साइकल चलाने, सैर करने, बागवानी, साफ-सफाई और खेलों में शामिल होने जैसे नियमित व्यायाम से महिलाओं में पार्किंसन्स रोग के पनपने के खतरे को कम किया जा सकता है। एक अध्ययन में यह दावा किया गया है।
‘न्यूरोलॉजी’ पत्रिका में प्रकाशित अनुसंधान में पाया गया कि अधिक व्यायाम करने वाली महिलाओं को शारीरिक रूप से कम सक्रिय रहने वाले महिलाओं के मुकाबले पार्किंसन्स का खतरा 25 प्रतिशत कम रहा।
यह खोज हालांकि केवल एक कड़ी जोड़ती है और यह साबित नहीं करती कि व्यायाम पार्किंसन्स रोग के जोखिम को कम करता है।
पार्किसन्स एक मस्तिष्कीय विकार है जिसमें अनपेक्षित या अनियंत्रित तरीके से शरीर के अंगों में कंपकंपी, कंपन, जकड़न जैसी मुश्किलें आती हैं।
अध्ययन में 95,354 महिला प्रतिभागियों को शामिल किया गया जिनमें अधिकतर शिक्षक थीं। इनकी औसत आयु 49 वर्ष थी और इनमें शुरुआत में पार्किसन्स रोग के लक्षण नहीं थे।
यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग, अमेरिका और नीदरलैंड में रैडबूड यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर के अनुसंधानकर्ताओं ने तीन दशक तक प्रतिभागियों पर नजर रखी और इस दौरान 1,074 को पार्किसंस रोग की शिकायत हुई।
इस दौरान प्रतिभागियों ने छह प्रश्नावलियों में पूछे गये सवालों के जवाब भी दिए।
अनुसंधान में इन सभी आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि महिलाओं के नियमित व्यायाम करने का संबंध उनमें पार्किंसन्स का जोखिम कम होने से है।
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