विदेश की खबरें | शरणार्थी अपने बच्चों के लिए खुद से बेहतर जिंदगी चाहते हें

हन्ना सूंग, साउथ ऑस्ट्रेलिया यूनिवर्सिटी

एडिलेड, 15 दिसंबर (द कन्वरसेशन) शरणार्थी ऑस्ट्रेलिया में सार्थक रोजगार तलाश करने के लिए संघर्ष करते हैं।

2010 में, ऑस्ट्रेलिया की शरणार्थी परिषद को पता चला कि जो लोग शरणार्थी या मानवीय आधार पर दिए जाने वाले वीजा पर ऑस्ट्रेलिया आए थे, वे रोजगार के मामले में ‘‘प्रवासी वीजा समूहों में सबसे खराब’’ हालत में रहे।

आगमन के 18 महीने बाद इनमें से लगभग 12% बेरोजगार थे, जबकि पारिवारिक वीजा पर आने वालों में बेरोजगारी 8% रही।

शिक्षा - और विशेष रूप से विश्वविद्यालय शिक्षा के अवसर - शरणार्थी पृष्ठभूमि वाले लोगों को अपने जीवन और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार करने के साधन प्रदान करते हैं।

शरणार्थी पृष्ठभूमि वाले लोग अपने बच्चों के लिए खुद से बेहतर जीवन की आशा करते हैं, और वे शिक्षा को इस यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखते हैं। लेकिन हम इस बारे में बहुत कम जानते हैं कि शरणार्थी माता-पिता अपने बच्चों की शैक्षिक और दीर्घकालिक सफलता को प्रभावित करने में क्या भूमिका निभाते हैं।

मेरा शोध उन शरणार्थी परिवारों पर केंद्रित था जिनके बच्चों ने स्कूल और विश्वविद्यालय में अच्छा प्रदर्शन किया।

हमने यह पता लगाने के लिए 50 शरणार्थी माता-पिता, बच्चों और उनके शिक्षकों का साक्षात्कार लिया कि क्या शरणार्थी परिवारों के विशेष मूल्यों ने बच्चों को शैक्षिक रूप से प्रभावित किया है।

हमें ऐसे माता-पिता मिले जिन्होंने अपने परिवार के लिए एक अच्छा जीवन सुरक्षित करने के लिए शरणार्थी जीवन चुना, जिसने परोक्ष रूप से उनके बच्चों को उनकी तरह कड़ी मेहनत करने और ऐसा जीवन हासिल करने के लिए प्रेरित किया, जिससे उन्हें वंचित रहना पड़ा था।

'वे चाहते थे कि हम अपना कुछ बनाएं'

जिन माता-पिता ने शोध में भाग लिया, उनकी शिक्षा के स्तर में भिन्नता थी - औपचारिक स्कूली शिक्षा से लेकर पीएचडी तक।

अधिकांश माता-पिता ने अपनी पहली में या तो एक पेशेवर दुभाषिया, एक द्विभाषी स्कूल सेवा अधिकारी या एक वयस्क बच्चे की व्याख्या के साथ साक्षात्कार किया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)