जरुरी जानकारी | जून तिमाही में डीजल पर रिफाइनिंग मार्जिन घटने की आशंका

नयी दिल्ली, 20 जुलाई कच्चे तेल के दाम में अप्रैल-जून तिमाही में आई गिरावट तेल रिफाइनरी कंपनियों के मुनाफे को साल भर पहले की समान अवधि की तुलना में कम कर देगी। एक विश्लेषण में यह अनुमान जताया गया है।

पिछले साल फरवरी में यूक्रेन पर रूस के हमला करने के बाद छिड़े सैन्य संघर्ष ने कच्चे तेल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिए थे। इससे अप्रैल-जून, 2022 की अवधि में रिफाइनिंग कंपनियों के मार्जिन बढ़ गए और उन्होंने ऊंचे दाम पर पेट्रोल और डीजल बेचकर तगड़ा मुनाफा कमाया था।

जून, 2022 में डीजल 74.95 डॉलर प्रति बैरल तक उछल गया था जबकि पेट्रोल 42 डॉलर प्रति बैरल तक उछल गया था। वहीं विमान ईंधन (एटीएफ) 62 डॉलर के भाव पर था।

पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि पेट्रोल का दाम डॉलर में शायद ही कभी दहाई अंक में गया था। वहीं डीजल ने कभी भी 20 डॉलर प्रति बैरल का आंकड़ा नहीं पार किया था।

हालांकि इस साल जून में डीजल 16-19 डॉलर के दायरे में रहा जबकि पेट्रोल 10-14 डॉलर के दायरे में रहा। इस असामान्य परिस्थिति में विशेषज्ञों ने तेल रिफाइनिंग कंपनियों की आमदनी जून तिमाही में घटने की आशंका जताई है।

दुनिया के सबसे बडे रिफाइनिंग परिसर का संचालन करने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज शुक्रवार को तिमाही नतीजे जारी करेगी। वहीं देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन 28 जुलाई और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड 26 जुलाई को नतीजे जारी करेंगी।

वैश्विक स्तर पर पेट्रोल के दाम जून में गिरने से रिफाइनिंग कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ा। एशिया में पेट्रोल पर रिफाइनिंग मार्जिन जुलाई में 102 प्रतिशत तक गिर गया।

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