देश की खबरें | बागी अकाली नेताओं ने सुखदेव सिंह ढींढसा को चुना शिअद का अध्यक्ष

लुधियाना, सात जुलाई बागी अकाली नेताओं ने मंगलवार को यहां एक गुरद्वारे में, राज्यसभा सदस्य सुखदेव सिंह ढींढसा को शिरोमणि अकाली दल (शिअद) का अध्यक्ष चुन लिया। पार्टी ने इस कदम को ‘अवैध और धोखाधड़ी’ करार दिया है।

फिलहाल सुखबीर सिंह बादल पार्टी के अध्यक्ष हैं।

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सुखदेव सिंह ढींढसा को उनके पुत्र और पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा के साथ, कथित रूप से ‘पार्टी-विरोधी’ गतिविधियों के आरोप में इस साल फरवरी में शिअद से निष्कासित कर दिया गया था।

बाद में ढींढसा ने शिअद (टकसाली) समेत पार्टी के अलग हुए गुटों के साथ हाथ मिला था।

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अध्यक्ष पद के लिए ढींढसा के नाम का प्रस्ताव पेश करते हुए लोकसभा की दो बार सदस्य रहीं परमिंदर कौर गुलशन ने कहा कि हाल ही में नेता की अध्यक्षता में हुए संगरूर सम्मेलन में सुखबीर सिंह बादल को पार्टी के अध्यक्ष पद से ‘हटा’ दिया गया था।

उन्होंने कहा कि शिअद के ‘नवनिर्वाचित अध्यक्ष‘ ढींढसा अमृतसर में पार्टी कार्यालय से काम करेंगे। जगदीश सिंह गरचा और हरजीत कौर तलवंडी ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया।

हरजीत पार्टी के पूर्व अध्यक्ष दिवंगत जगदेव सिंह तलवंडी की पुत्री हैं।

‘‘जो बोले सो निहाल’’ के नारों के बीच ढींढसा को शिअद का ‘‘अध्यक्ष घोषित किया गया। ’’

इस अवसर पर ढींढसा ने कहा कि पार्टी, सिख राजनीति के धूमिल हो चुके सिद्धांतों को पुन:स्थापित करने और सिख संस्थानों को ‘‘बादल’’ के पंजे से कुक्त कराने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। उन्होंने दल की अन्य प्राथमिकताएं भी बताईं।

इसी बीच शिअद के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने इस कदम को ‘अवैध और धोखाधड़ी’ करार दिया और निष्कासित नेता पर कांग्रेस की शह पर काम करने का आरोप लगाया।

चीमा ने कहा कि शिअद 100 साल पुराना दल है जो भारतीय चुनाव आयोग में पंजीकृत है।

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