जरुरी जानकारी | रीयल एस्टेट उद्योग ने आरबीआई के कर्ज पुनर्गठन के निर्णय का स्वागत किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. जमीन जायदाद का विकास करने वाली कंपनियों और संगठनों ने रिजर्व बैंक के कर्ज पुनर्गठन की सुविधा देने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे कोविड-19 महामारी के कारण कम बिक्री की वजह से नकदी संकट से जूझ रहे बिल्डरों को राहत मिलेगी।

नयी दिल्ली, छह अगस्त जमीन जायदाद का विकास करने वाली कंपनियों और संगठनों ने रिजर्व बैंक के कर्ज पुनर्गठन की सुविधा देने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे कोविड-19 महामारी के कारण कम बिक्री की वजह से नकदी संकट से जूझ रहे बिल्डरों को राहत मिलेगी।

रिजर्व बैंक ने बृहस्पतिवार को बैंक प्रमुखों और उद्योग की मांग पर ध्यान देते हुए कर्ज पुनर्गठन की सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की।

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रीयल एस्टेट कंपनियों के संगठनों का परिसंघ क्रेडाई के चेयरमैन जे शाह ने कहा, ‘‘कोविड-19 समाधान रूपरेखा की घोषणा की गयी है। इससे न केवल एक बारगी पुनर्गठन हो सकेगा बल्कि बैंक और कर्जदार समाधान योजना के साथ महामारी संकट से बाहर आ सकेंगे।’’

उन्होंने कहा कि कर्ज पुनर्गठन के लिये आवेदन देने वाले कर्जदारों के लिये वित्तीय मानदंडों पर सलाह देने के लिये केवी कामथ की अध्यक्षता में समिति का गठन एक अच्छा कदम है। इससे एक मजबूत दिशानिर्देश लाया जा सकेगा।

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नारेडको (नेशनल रीयल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल) के अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी ने कहा, ‘‘उद्योग जगत लंबे समय से कर्ज पुनर्गठन की मांग कर रहा था। रिजर्व बैंक ने इस ओर ध्यान दिया और केवी कामथ की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समित का गठन किया है। रिजर्व बैंक का यह सकारात्मक कदम है।’’

उन्होंने कहा कि सुरक्षा उपायों के तहत कंपनियो, व्यक्तिगत कर्जदारों और एमएसएमई के लिये कर्ज पुनर्गठन के लिये सुविधा उपलब्ध कराना नकदी संकट से जूझ रहे इकाइयों के लिये राहत है।

हीरानंदानी ने कहा कि इसके अलावा राष्ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी) में 5,000 करोड़ रुपये की नकदी डाले जाने की घोषणा से निश्चित रूप से आवास क्षेत्र को नकदी संकट से पार पाने में मदद मिलेगी।

सीबीआरई के चेयरमैन और सीईओ (भारत, दक्षिण पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया व अफ्रीका) अंशुमन मैगजीन ने कहा कि आरबीआई का एनएचबी को अतिरिक्त नकदी उपलब्ध कराने का निर्णय एक सकारात्मक कदम है। इससे एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों) और आवास क्षेत्र को नकदी संकट से पार पाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा आरबीआई ने एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) की श्रेणी में लाये बिना एकबारगी कर्ज पुनर्गठन की भी मंजूरी दी है। इससे बैंक मालिकाना हक में बदलाव किये बिना समाधान योजना लागू कर सकेंगे।’’

एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि एनएचबी को 5,000 करोड़ रुपये का आबंटन से आवास वित्त कंपनियों में पूंजी डालने में मदद मिलेगी। इससे अंतत: कंपनियों को लाभ होगा, जो कोविड-19 संकट के कारण नकदी मसले से जूझ रहे हैं।

नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा, ‘‘कर्ज पुनर्गठन योजना के तहत दो साल तक भुगतान से मोहलत दी गयी है। यह सुविधा कंपनियों और व्यक्तिगत कर्ज लेने वाले कर्जदारों के लिये है। इससे दबाव वाली रीयल एस्टेट कंपनियों और आवास क्षेत्र के व्यक्तिगत कर्जदाताओं को राहत मिलेगी।’’

हाउसिंग डॉट कॉम और प्रोपटाइगर डॉट काम के समूह सीईओ ध्रुव अग्रवाल के अनुसार यह महत्वपूर्ण है कि पूर्व में नीतिगत दर में कटौती का लाभ और प्रभावी तरीके से ग्राहकों को मिले।

उन्होंने कहा कि आरबीआई का एनएचबी को 5,000 करोड़ रुपये की नकदी उपलब्ध कराने का निर्णय आवास वित्त कंपनियों की स्थिरता के लिये बेहतर कदम है। इससे रीयल एस्टेट क्षेत्र को गति मिलेगी।

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