जरुरी जानकारी | आवास ऋण पर बैंकों के लिये जोखिम प्रावधान कम करने का रियल एस्टेट डेवलपरों ने किया स्वागत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. रियल एस्टेट डेवलपर्स ने आवास ऋण पर जोखिम प्रावधान को कम करने के भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के निर्णय का शुक्रवार को स्वागत किया। डेवलपर्स ने कहा कि इससे क्षेत्र में ऋण प्रवाह बढ़ेगा। हालांकि, उन्होंने रियल एस्टेट क्षेत्र को उबारने के लिये और कदम उठाये जाने की मांग की।

नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर रियल एस्टेट डेवलपर्स ने आवास ऋण पर जोखिम प्रावधान को कम करने के भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के निर्णय का शुक्रवार को स्वागत किया। डेवलपर्स ने कहा कि इससे क्षेत्र में ऋण प्रवाह बढ़ेगा। हालांकि, उन्होंने रियल एस्टेट क्षेत्र को उबारने के लिये और कदम उठाये जाने की मांग की।

भारतीय रिजर्व बैंक ने आर्थिक गतिविधियों में आवास क्षेत्र के महत्व को देखते हुए व्यक्तिगत आवास ऋण पर बैंकों के जो​खिम संबंधी प्रावधानों में ढील देने का फैसला किया है। इससे बैंकों को पूंजी का प्रावधान कम करना होगा और वे अधिक आवास रिण देने के ​लिए प्रोत्साहित होंगे।

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रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की द्वैमासिक समीक्षा बैठक की शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्च 2022 तक मंजूर किए जाने वाले सभी आवास ऋणों के लिए अब केवल कर्ज की राशि और आवासीय सम्पत्ति के मूल्य के अनुपात (एलटीवी) की कसौटी ही लागू होगी।

आरबीआई ने कहा है कि अब आवासीय सम्पत्ति मूल्य के 80 प्र​तिशत ​तक के कर्ज पर बैंकों के लिए 35 प्रतिशत जोखिम भारांक के आधार पर पूंजी का प्रावधान रखना होगा। इसी तरह 90 प्रतिशत तक के कर्ज के लिए जोखिम मानक 50 प्रतिशत भारांक के अनुसार पूंजी रखनी होगी।

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अभी तक बैंकों के लिए कर्ज की रा​​शि और एलटीवी दोनों के आधार पर अलग अलग

जो​​खिम भारांक के अनुसार प्रावधान करना होता था।

क्रेडाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश मगर ने कहा कि आवास ऋण को एलटीवी से जोड़ने से आवास की मांग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) को सह-ऋण योजना का लाभ देने से अतिरिक्त तरलता आ सकती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि कठिन प्रावधानों और पात्रता मानदंडों के कारण रियल्टी क्षेत्र को इसका लाभ नहीं मिल सकता है।

नारेडको के अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि रिजर्व बैंक के आवास ऋण पर जोखिम भारांक को तर्कसंगत बनाने और उन्हें एलटीवी अनुपात से जोड़ने के फैसले से इस क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।

सीबीआरई इंडिया, दक्षिण पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया और अफ्रीका के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अंशुमन मैगजीन ने कहा, ‘‘एलटीवी दिशानिर्देशों को सरल करने और आवास ऋण के लिये जोखिम भारांक को तर्कसंगत बनाने के आरबीआई के फैसले आगे चलकर घर खरीदारों को प्रोत्साहित करेंगे।’’

एनरॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि घोषणा निश्चित रूप से बैंकों को अपनी बैलेंस शीट पर दबाव महसूस किये बिना व्यक्तिगत घर खरीदारों को अधिक ऋण देने के लिये प्रोत्साहित करेगी।

प्रॉप टाइगर और हाउसिंग डॉट कॉम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ध्रुव अग्रवाल ने कहा कि यह रियल एस्टेट क्षेत्र में प्रभावी रूप से उच्च ऋण प्रवाह सुनिश्चित करेगा।

स्क्वेयर यार्ड्स के सीईओ तनुज शोरी ने कहा, ‘‘जोखिम भारांक केवल एलटीवी के अनुपात से जोड़ना इस क्षेत्र के लिए मूल्य निर्धारण पर अच्छा प्रभाव डालेगा।’’

पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस के एमडी एवं सीईओ हरदयाल प्रसाद ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि 31 मार्च 2022 तक सभी नये आवास ऋण के लिये जोखिम भारांक को युक्तिसंगत बनाने और एलटीवी के लिये दी गयी छूट से आवास क्षेत्र को जरूरी प्रोत्साहन मिलेगा।

जेएलएल इंडिया के सीईओ एवं कंट्री हेड रमेश नायर ने इसे सही समय पर और सही दिशा में उठाया गया एक कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि इससे आवास ऋण की उपलब्धता बढ़ेगी और आवास क्षेत्र पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

नाइट फ्रैंक इंडिया के सीएमडी शिशिर बैजल ने कहा कि मार्च 2022 तक सभी नये आवास ऋण के लिये जोखिम भारांक को तर्कसंगत बनाने जैसे उपाय आवास ऋण की वृद्धि को रफ्तार देंगे।

एलआईसी एचएफएल के एमडी एवं सीईओ सिद्धार्थ मोहंती ने कहा कि रोजगार और आर्थिक गतिविधियां पैदा करने में रियल एस्टेट क्षेत्र की भूमिका को मान्यता देते हुए उचित रूप से जोखिम भार को युक्तिसंगत बनाने और सभी नये आवासों के लिये ऋण को एलटीवी अनुपात से जोड़ने का निर्णय लिया गया है।

सेविंग्स इंडिया के सीईओ अनुराग माथुर ने कहा कि आवास ऋण के जोखिम भारांक को युक्तिसंगत बनाया जाना आरबीआई द्वारा उठाया गया एक स्वागत योग्य कदम है।

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