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देश की खबरें | हरियाणा के हितों की रक्षा के लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार : हुड्डा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पंजाब विधानसभा द्वारा केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ को आम आदमी पार्टी (आप) शासित राज्य में तत्काल हस्तांतरित किए जाने का प्रस्ताव पारित करने के कुछ दिनों बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने रविवार को कहा कि वह हरियाणा के हितों की रक्षा के लिए कोई भी बलिदान देने के लिए तैयार हैं।

देश की खबरें | हरियाणा के हितों की रक्षा के लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार : हुड्डा

चंडीगढ़, तीन अप्रैल पंजाब विधानसभा द्वारा केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ को आम आदमी पार्टी (आप) शासित राज्य में तत्काल हस्तांतरित किए जाने का प्रस्ताव पारित करने के कुछ दिनों बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने रविवार को कहा कि वह हरियाणा के हितों की रक्षा के लिए कोई भी बलिदान देने के लिए तैयार हैं।

चंडीगढ़ हरियाणा और पंजाब की साझा राजधानी है।

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा ने पंजाब में भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के प्रस्ताव को राजनीतिक जुमला बताते हुए कहा कि चंडीगढ़ हरियाणा का हिस्सा है और रहेगा। उन्होंने कहा, ‘‘किसी को भी हरियाणा के हितों को नुकसान पहुंचाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। हम राज्य के हितों की रक्षा के लिए कोई भी बलिदान देने के लिए तैयार हैं।’’

हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता हुड्डा ने रोहतक में पत्रकारों से कहा कि सभी राजनीतिक दलों को राज्य के हित में एकजुटता दिखानी होगी और उन्हें इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। मनोहर लाट खट्टर के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पांच अप्रैल को यहां राज्य विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है।

हुड्डा ने कहा, ‘‘हरियाणा और पंजाब के बीच तीन मुद्दे हैं, जिनमें राजधानी, हिंदी भाषी क्षेत्रों और सतलुज-यमुना लिंक नहर पर नियंत्रण शामिल है।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने राज्य विधानसभा के विशेष सत्र से पहले इन मुद्दों पर चर्चा करने के लिए सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है और हरियाणा सरकार से इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया है।

केंद्रीय सेवा नियम केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के कर्मचारियों पर भी लागू होने संबंधी केंद्र की घोषणा के मद्देनजर पंजाब सरकार का एक अप्रैल को राज्य विधानसभा में एक प्रस्ताव लाने का कदम सामने आया। आम आदमी पार्टी (आप) के अलावा, कांग्रेस की पंजाब इकाई और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने केंद्र के फैसले की आलोचना करते हुए दावा किया था कि यह पंजाब पुनर्गठन अधिनियम के खिलाफ है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 03, 2022 08:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).