मुंबई, 21 अगस्त दूरसंचार विभाग ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में अपील दायर कर अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) तथा समूह की कंपनी रिलायंस टेलीकॉम (आरटीएल) की समाधान योजना से इनके नाम के स्पेक्ट्रम को बाहर रखने की अपील की है।
विभाग ने इस बारे में अपनी आपत्तियों को लेकर हलफनाम दिया है। विभाग का कहना है कि समाधान योजना के तहत स्पेक्ट्रम की बिक्री नहीं की जा सकती।
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समाधान पेशेवर ने इस हलफनामे पर विचार करने के लिए कुछ समय मांगा है। साथ ही कहा है कि यदि जरूरत होगी तो वह इसपर प्रतिक्रिया देगा।
एनसीएलटी ने इस मामले पर सुनवाई की तारीख आठ सितंबर तय की है।
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दूरसंचार विभाग की इस आपत्ति के बाद आरकॉम की समाधान योजना में कुछ बदलाव आ सकता है। कंपनी के ऋणदाताओं ने मार्च में इस योजना को न्यायाधिकरण की मंजूरी के लिए जमा कराया था।
उच्चतम न्यायालय ने हाल में यह स्पष्ट करने को कहा था कि वह दिवालिया दूरसंचार कंपनियों से बकाये की वसूली कैसे करेगी। इनमें एयरसेल और वीडियोकॉन शामिल हैं। शीर्ष अदालत ने इससे पहले सरकार से यह जांच करने को कहा था कि क्या कोई दिवालिया दूरसंचार कंपनी सांविधिक बकाये के भुगतान से बचने के लिए दिवाला समाधान प्रक्रिया का दुरुपयोग कर रही है।
उच्चतम न्यायालय इस मामले पर भी सुनवाई कर रहा है कि क्या ऐसी कंपनियों को अपने बकाये के भुगतान के लिए उनके पास मौजूद स्पेक्ट्रम को बेचने की अनुमति दी जानी चाहिए।
सरकारी अनुमान के अनुसार आरकॉम पर अपने ऋणदाताओं का 49,054 करोड़ रुपये और दूरसंचार विभाग का स्पेक्ट्रम प्रयोग शुल्क और लाइसेंस का 25,199 करोड़ रुपये बकाया है।
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