नयी दिल्ली, 14 जुलाई भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) जल्द ही अन्य देशों के साथ रुपये में व्यापार के दौरान निर्यातकों के सामने आने वाली कुछ समस्याओं के समाधान के लिए बैंकों के लिए दिशानिर्देश जारी करेगा। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने कहा कि जहां तक रुपये में कारोबार व्यवस्था की बात है, शुरुआत में कुछ तकनीकी दिक्कतें आईं लेकिन कई क्षेत्रों में लेनदेन शुरू हो चुका है।
कुछ निर्यातकों ने वाणिज्य मंत्रालय में संपर्क कर बताया कि ई-बीआरसी (इलेक्ट्रॉनिक बैंक प्राप्ति प्रमाणपत्र) जारी करने के दौरान कुछ समस्या आ रही है।
अधिकारी ने कहा, “इसलिए हमने यह मुद्दा आरबीआई के समक्ष उठाया है।' आरबीआई सभी बैंकों के लिए एक विस्तृत एसओपी (मानक परिचालन प्रक्रिया) जारी करने की प्रक्रिया में है ताकि ई-बीआरसी का सृजन सुचारू हो सके। उस एसओपी की हमने जांच कर ली है और आरबीआई इसे अगले 2-3 दिनों में जारी कर देगा।”
हालांकि, अधिकारी ने कहा कि रुपये में कारोबार की सीमा यह है कि यह केवल वस्तु विनिमय मुद्रा के रूप में ही काम कर सकता है।
रक्षा क्षेत्र में कारोबार के कारण रूस के पास बहुत सारा रुपया भंडार जमा हो गया है।
अधिकारी ने कहा हालांकि यूरो, दिरहम, युआन या डॉलर में भुगतान करने पर कोई रोक नहीं है।
सरकार डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए अन्य साझेदार देशों से कारोबार रुपये में करने को बढ़ावा दे रही है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY