मुंबई, तीन दिसंबर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एचडीएफसी बैंक के खिलाफ अभूतपूर्व कदम उठाया है। शीर्ष बैंक ने एचडीएफसी बैंक की नई डिजिटल बैकिंग पहल और नया क्रेडिट कार्ड जारी करने पर अस्थाई तौर पर रोक लगा दी है।
एचडीएफसी के डेटा सेंटर में पिछले दो साल के दौरान बार-बार कामकाज प्रभावित होने के कारण यह आदेश दिया गया है।
यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जरुरी खबर, सरकार ने महंगाई भत्ते को लेकर बताई ये बात.
रिजर्व बैंक का यह आदेश बुधवार को आया। इससे ठीक दो सप्ताह पहले निजी क्षेत्र के बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा था कि उसके इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और अन्य भुगतान समेत बैंक का पूरा डिजिटल कामकाज प्रभावित हुआ है। डिजिटल कामकाज प्रभावित होने से ग्राहकों को काफी असुविधा हुई।
अक्टूबर में बागडोर संभालने के बाद अपनी सबसे बड़ी चुनौती का सामना कर रहे एचडीएफसी बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी शशिधर जगदीशन ने बृहस्पतिवार को ग्राहकों से उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरने को लेकर माफी मांगी।
यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: पेंशनर्स आसानी से उठा सकते है इस डोरस्टेप सर्विस का लाभ, यहां जानिए पूरा प्रॉसेस.
जगदीशन के बयान को बैंक की वेबसाइट पर डाला गया था।
उल्लेखनीय है कि बैंक का नया मोबाइल एप्लीकेशन दिसंबर 2018 में शुरू होने के कुछ ही घंटों में ठप हो गया था। बैंक के अनुसार इसका कारण ‘डेटा ट्रैफिक’ में वृद्धि के कारण सर्वर का इसे नहीं संभाल पाना था। ठीक एक साल बाद, इसका ऑनलाइन’ चैनल उस समय ठप हो गया जब कर्मचारियों के वेतन आते हैं। दूसरी घटना के बाद आरबीआई ने कहा था कि वह तकनीकी खामियों को देख रहा है।
जगदीशन ने बयान में कहा कि दो बार डिजिटल चैनल के ठप होने के बाद बैंक ने आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) ढांचागत सुविधा और प्रणाली को मजबूत करने के लिये बाहरी विशेषज्ञों की मदद ली। उन्होंने कहा कि बैंक यह सुनिश्चित करने के लिये युद्ध स्तर पर काम कर रहा है कि बिजली गुल जैसी स्थिति से लगने वाले झटके जैसा प्रभाव नहीं पड़े।
एचडीएफसी बैंक ने कहा 21 दिसंबर को हुई तजा घटना का कारण प्राथमिक डेटा सेंटर में बिजली का गुल होना था। एचडीएफसी बैंक ने शेयर बाजार को बताया, ‘‘आरबीआई ने एचडीएफसी बैंक लिमिटेड को दो दिसंबर 2020 को एक आदेश जारी किया है, जो पिछले दो वर्षों में बैंक के इंटरनेट बैंकिंग/ मोबाइल बैंकिंग/ पेमेंट बैंकिंग में हुई परेशानियों के संबंध में है। इसमें हाल में 21 नवंबर 2020 को प्राथमिक डेटा सेंटर में बिजली गुल हो जाने के चलते बैंक की इंटरनेट बैंकिंग और भुगतान प्रणाली का बंद होना भी शामिल हैं।’’
निजी बैंक ने कहा कि आरबीआई ने आदेश में ‘‘बैंक को सलाह दी है कि वह अपने कार्यक्रम डिजिटल 2.0 और अन्य प्रस्तावित आईटी अनुप्रयोगों के तहत आगामी डिजिटल व्यापार विकास गतिविधियों और नए क्रेडिट कार्ड ग्राहकों की सोर्सिंग को रोक दे।’’
एचडीएफसी बैंक ने कहा कि इसके साथ ही बैंक के निदेशक मंडल से कहा गया है कि वे कमियों की जांच करें और जवाबदेही तय करें।
सीईओ ने संकेत दिया कि आरबीआई के आदेश से ग्राहकों को बेहतर अनुभव के लिये तथा अगली पीढ़ी के मोबाइल एवं इंटरनेट बैंकिग जैसे बैंक की रणनीतिक डिजिटल पहल को लागू करने में देरी हो सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम चीजों को बेहतर बनाने और उसे चाक-चौबंद करने के लिये विशेषज्ञों और नियामक के साथ काम करेंगे। आंतरिक रूप से हम इसे खुद को और बेहतर बनाने तथा और मजबूत होकर उभरने के अवसर के रूप में देख रहे हैं।’’
बैंक क्रेडिट कार्ड जारी करने के मामले में अव्वल है और उसके इस साल सितंबर तक ग्राहकों की संख्या 1.49 करोड़ थी। वहीं डेबिट कार्ड मामले में उसके ग्राहकों की संख्या 3.38 करोड़ है।
आम तौर पर आरबीआई खामियों के लिये संबंधित इकाई की कुछ गतिविधियों पर पाबंदियों लगाने के बजाए मौद्रिक जुर्माना लगाता है। लेकिन इस बार उसने कड़ा कदम उठाया है।
इस बीच, एचडीएफसी बैंक के एक अधिकारी ने कहा कि उसके मौजूदा ग्राहक सेवाओं का उपयोग पहले की रह कर सकेंगे और आरबीआई के आदेश लागू होने तक मोबाइल बैंकिंग ऐप के लिए सुरक्षा से जुड़े अतिरिक्त एहतियात बरतने की अनुमति होगी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY