चेन्नई, 23 मई अन्नाद्रमुक के महासचिव ई.के. पलानीस्वामी ने भारतीय रिजर्व बैंक से आभूषण के बदले ऋण पर लगाई गई नयी शर्तों को तत्काल वापस लेने का आग्रह किया है।
पलानीस्वामी ने शुक्रवार को कहा कि इससे आपातकालीन स्थिति में ऐसे ऋणों पर निर्भर रहने वाले गरीब और मध्यम वर्ग के परिवार बुरी तरह प्रभावित होंगे।
उन्होंने कहा कि किसान और व्यापारी समेत गरीब तथा मध्यम वर्ग से आने वाली भारत की 80 प्रतिशत से अधिक आबादी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए धन जुटाने के लिये अपने आभूषण निकटतम सहकारी या राष्ट्रीयकृत बैंकों में गिरवी रख देते हैं।
पलानीस्वामी ने एक बयान में कहा, ‘‘विवेकपूर्ण मानदंडों पर आरबीआई के मसौदा दिशानिर्देशों के कारण ये वर्ग बुरी तरह प्रभावित होंगे।’’
उन्होंने कहा कि इसके अलावा ऋण-से-मूल्य अनुपात को मौजूदा 80 प्रतिशत से घटाकर 75 प्रतिशत करना तथा उधारकर्ताओं पर अत्यधिक दस्तावेजीकरण का बोझ डालना उधार लेने वालों की ऋण जुटाने की क्षमता को प्रभावित करेगा।
तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अतः जनता के हित में मैं भारतीय रिजर्व बैंक से आग्रह करता हूं कि वह इन नयी शर्तों को तत्काल वापस ले तथा साथ ही यह भी अनुरोध करता हूं कि सोने के बदले कर्ज देने से पहले आभूषण के निजी दुकानों से खरीदे गए सोने के सिक्कों की गुणवत्ता की जांच की जाए। ’’
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