मुंबई, नौ अप्रैल भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय बैंक रुपया-डॉलर विनिमय दर के लिए किसी स्तर या दायरे को लक्षित नहीं करता है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में केवल तभी हस्तक्षेप करता है जब अत्यधिक अस्थिरता होती है।
गवर्नर ने अप्रैल की मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद संवाददाताओं से कहा कि चीन और कुछ अन्य देशों की तुलना में भारत पर अमेरिकी शुल्क का प्रभाव बहुत कम है।
मल्होत्रा ने कहा, ''हम कुछ अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में हैं... हमारे पास तुलनात्मक लाभ है।'' हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि शुल्क लगाने से वृद्धि पर असर पड़ेगा।
वह आरबीआई की मुद्रा प्रबंधन रणनीति के बारे में एक सवाल का जवाब दे रहे थे। गौरतलब है कि चीन अमेरिकी शुल्क का मुकाबला करने के लिए अपनी मुद्रा युआन का अवमूल्यन कर सकता है।
मल्होत्रा ने कहा, ''जहां तक मुद्रा प्रबंधन का सवाल है, हम वास्तव में मुद्रा प्रबंधन में हस्तक्षेप नहीं करते हैं। हम केवल अत्यधिक अस्थिरता होने पर ही ऐसा करते हैं। इसलिए हम भारतीय रुपये को किसी भी स्तर या दायरे में रखने की कोशिश नहीं करते हैं।''
गवर्नर ने दोहराया कि रिजर्व बैंक रुपया-डॉलर विनिमय दर के लिए किसी भी स्तर को लक्षित नहीं करता है।
उन्होंने कहा कि भारत में बाजार काफी मजबूत एवं व्यापक है और बाजार की ताकतों को अच्छी तरह पता होता है कि क्या स्तर होना चाहिए।
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