इंदौर (मध्यप्रदेश), सात जून पड़ोसी बांग्लादेश की युवतियों को मानव तस्करी के जरिये भारत भेजकर उन्हें देह व्यापार में धकेलने वाले गिरोह के सरगना पर इंदौर के जिला प्रशासन ने मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगा दिया। प्रशासन के एक अफसर ने यह जानकारी दी।
अफसर ने बताया कि जिलाधिकारी मनीष सिंह ने बांग्लादेशी नागरिक तफज्जुर मामून (42) को रासुका के तहत स्थानीय जेल में कैद रखे जाने के आदेश में कहा कि यह व्यक्ति भारत की सुरक्षा के लिए खतरा है।
अफसर के मुताबिक, ‘‘विजय कुमार’’, ‘‘आमरूल’’ और ‘‘विमल दत्त’’ की फर्जी पहचान वाला मामून मुंबई से गिरोह चलाता है और उसने करीब 25 साल पहले बांग्लादेश से भारत की सीमा में अवैध रूप से प्रवेश करने के बाद झूठे नाम से पहचान पत्र बनवा लिए थे।
अफसर ने बताया कि गुजरे 10 साल में मामून का गिरोह बड़ी तादाद में बांग्लादेशी युवतियों को अवैध तौर पर सरहद पार कराते हुए देह व्यापार के लिए भारत के अलग-अलग हिस्सों में भेज चुका है।
इंदौर के संयोगितागंज थाने के प्रभारी तहजीब काजी ने बताया कि बांग्लादेशी महिलाओं को वेश्यावृत्ति में धकेलने के मामले में स्थानीय पुलिस ने मामून को नवंबर 2021 में गिरफ्तार किया था, लेकिन वह इस प्रकरण में जमानत मिलने के बाद जेल से एक जून को छूट गया था।
थाना प्रभारी ने बताया, ‘‘इंदौर पुलिस ने एक गवाह को धमकाने के मामले में मामून को पांच जून को गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल शहर के केंद्रीय जेल में बंद है।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY