देश की खबरें | रास आचार समिति ने सदस्यों के खिलाफ शिकायतें प्राप्त करने के लिए दो अधिकारियों को अधिकृत किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राज्यसभा की आचार समिति ने सदस्यों के खिलाफ कथित कदाचार और आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतें प्राप्त करने के लिए सदन के सचिवालय के दो अधिकारियों को अधिकृत किया है ताकि इस प्रक्रिया को और अधिक सक्रिय बनाया जा सके।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 25 अगस्त राज्यसभा की आचार समिति ने सदस्यों के खिलाफ कथित कदाचार और आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतें प्राप्त करने के लिए सदन के सचिवालय के दो अधिकारियों को अधिकृत किया है ताकि इस प्रक्रिया को और अधिक सक्रिय बनाया जा सके।

अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

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इस संबंध में एक बुलेटिन मंगलवार को राज्यसभा के सदस्यों के लिए जारी किया गया। समिति ने 2004 में तैयार किए गए नियमों के तहत यह निर्णय लिया है। उन नियमों के तहत समिति को ऐसा अधिकार दिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि समिति ने एक बैठक में पिछले सप्ताह एक निदेशक और एक अतिरिक्त निदेशक को शिकायतें प्राप्त करने के लिए अधिकृत करने का निर्णय लिया।

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उन्होंने कहा कि ऐसा कर समिति ने शिकायतें प्राप्त करने के दायरे का विस्तार किया है क्योंकि अभी केवल उन शिकायतों की ही जांच की जाती है जो समिति को संबोधित होते हैं।

सदन के कामकाज से संबंधित नियमावली के नियम 295 (4) में यह प्रावधान है कि शिकायत लिखित रूप से समिति को या उसके द्वारा अधिकृत किसी अधिकारी को दी जानी चाहिए। लेकिन 16 ​​साल पहले नियम बनाए जाने के बाद भी किसी अधिकारी को अधिकृत नहीं किया गया था।

लेकिन अब अधिकारियों को अधिकृत कर दिया गया है।

राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने समिति के पूर्व अध्यक्ष प्रभात झा की सदस्यता की अवधि पूरी होने के बाद शिव प्रताप शुक्ला को अध्यक्ष नियुक्त किया था। शुक्ला की अध्यक्षता में हुयी पहली बैठक में दो अधिकारियों को अधिकृत किया गया।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि नायडू आचार समिति के अधिक सक्रिय होने के पक्ष में हैं और शुक्ला ने सदस्यों से मीडिया रिपोर्टों के आधार पर शिकायतें करने से संबंधित वर्तमान नियमों में अस्पष्टता पर गौर करने का आग्रह किया।

राज्यसभा की आचार समिति का गठन मार्च 1997 में किया गया था।

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