देश की खबरें | रैपिड एंटीजन जांच बीमारी के शुरुआती पांच दिन में संक्रमण का पता लगाने के लिये जा सकती है : अध्ययन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अध्ययन के मुताबिक मरीजों के बीमार होने के शुरुआती पांच दिनों में कोविड-19 का पता लगाने के लिए रैपिड एंटीजन जांच की जा सकती है ताकि त्वरित आधार पर उनकी पहचान की जा सके और अलग कर इलाज शुरू किया जा सके।
नयी दिल्ली, चार नवंबर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अध्ययन के मुताबिक मरीजों के बीमार होने के शुरुआती पांच दिनों में कोविड-19 का पता लगाने के लिए रैपिड एंटीजन जांच की जा सकती है ताकि त्वरित आधार पर उनकी पहचान की जा सके और अलग कर इलाज शुरू किया जा सके।
इस अध्ययन को इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईजेएमआर) में प्रकाशित किया गया है।
यह भी पढ़े | Coronavirus in Delhi: दिल्ली कोरोना वायरस की ‘तीसरी लहर’ का सामना कर रही : केजरीवाल.
यह अध्ययन नयी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के बाह्य रोगी विभाग द्वारा 31 मई से 24 जुलाई के बीच मरीजों की कोविड-19 जांच पर आधारित है। इस अध्ययन में 330 मरीज शामिल हुए। अध्ययन के मुताबिक जिन मरीजों में रैपिड एंटीजन जांच से संक्रमण की पुष्टि हुई उन्हें अलग कर इलाज करना चाहिए जबकि जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है उनकी जांच आरटी-पीसीआर पद्धति से कर संक्रमण की पुष्टि की जानी चाहिए।
एम्स में जिन मरीजों की जांच की गई उनमें 31.5 प्रतिशत मरीजों को बुखार, 25.4 प्रतिशत मरीजों को खांसी, 11.8 प्रतिशत मरीजों को थकान और बेचैन, 3.3 प्रतिशत मरीजों को सिर दर्द, 3.3 प्रतिशत मरीजों को नाक बहने की शिकायत थी। वहीं, 57 मरीजों ने गले में छाले होने की शिकायत की लेकिन इनमें से केवल दो मरीजों (3.5 प्रतिशत) के ही कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई।
अध्ययन के मुताबिक, रैपिड एंटीजन जांच में 64 लोगों की रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई। इनमें से 63 वास्तव में संक्रमित थे जबकि एक की गलत रिपोर्ट आई थी। इसी प्रकार जिन लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई उनमें से 252 लोग (76.3 प्रतिशत) वास्तव में संक्रमण मुक्त थे जबकि 14 (4.2 प्रतिशत) संक्रमित थे। इस प्रकार रैपिड एंटीजन जांच की सटीकता 95.4 प्रतिशत रही।
अध्ययन में कहा गया, ‘‘ यह निष्कर्ष निकलता है कि बीमारी के शुरुआती पांच दिनों और मध्यम दर्जे के लक्षण वाले मरीजों में कोविड-19 का पता लगाने में रैपिड एंटीजन जांच की सटीकता बेहतर है।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)