देश की खबरें | रैपिड एंटीजन जांच में संक्रमित पाए जाने वाले लोगों की जांच चिकित्सा अधिकारी करेगा:एसओपी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली में कोविड-19 पॉजिटिव रैपिड एंटीजन पद्धति से पाये जाने वाले लोगों की जांच एक चिकित्सा अधिकारी करेगा और वह बीमारी की गंभीरता का आकलन करेगा।
नयी दिल्ली, 23 जून दिल्ली में कोविड-19 पॉजिटिव रैपिड एंटीजन पद्धति से पाये जाने वाले लोगों की जांच एक चिकित्सा अधिकारी करेगा और वह बीमारी की गंभीरता का आकलन करेगा।
यह चिकित्सा अधिकारी जांच स्थल पर मौजूद होगा।
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दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग द्वारा सोमवार रात जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में यह कहा गया है।
इसमें कहा गया है कि चिकित्सा अधिकारी द्वारा किया गया आकलन उतना ही प्रभावी होगा, जितना कि कोविड-देखभाल केंद्र में किया गया आकलन होता है।
एसओपी में यह भी कहा गया है कि आरटी- पीसीआर जांच में संक्रमित पाए जाने वाले मरीजों से जिला निगरानी अधिकारियों की एक टीम फोन पर संपर्क करेगी और और उनकी बीमारी की स्थिति का आकलन करेगी।
इसमें कहा गया है कि मरीज को अस्पताल या कोविड स्वास्थ्य देखभाल केंद्र में भेजे जाने की जरूरत पड़ने पर, उसे एंबुलेंस से भेजा जाएगा।
संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों का कारगर तरीके से पता लगाने के लिए, टेलीफोन लाइन पर एक विशेष टीम कोविड-19 से संक्रमित मरीज में शुरूआती लक्षण दिखने के बाद से उसके संपर्क में आए लोगों का विवरण दर्ज करेगी।
गौरतलब है कि उपराज्यपाल अनिल बैजल ने घर पर पृथक वास में रहने के संबंध में आदेश में संशोधन किया था, जिसके बाद यह दिशा निर्देश आया है।
हालांकि आदेश के मुताबिक, संक्रमित पाए जाने वाली सभी मरीजों को क्लीनिकल स्थिति, बीमारी की गंभीरता और पहले से कोई बीमारी रहने का आकलन करने के लिए कोविड देखभाल केंद्र भेजा जाएगा।
साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि घर में पृथकवास के लिए पर्याप्त सुविधाएं हैं या नहीं, जैसे कि घर में कम से कम दो कमरे होना चाहिए और एक अलग शौचालय होना चाहि, ताकि परिवार के अन्य लोग और पड़ोसी सुरक्षित रहें।
दिशानिर्देश के मुताबिक, अगर किसी मरीज में संक्रमण के लक्षण नहीं दिख रहे हैं और उसे पहले से भी कोई बीमारी नहीं है, तो उसे घर पर ही पृथक-वास में रखा जा सकता है, बशर्ते उसके घर में कम से कम दो कमरे हों और मरीज के लिए अलग शौचालय हो।
एसओपी के मुताबिक मामूली लक्षण वाले या लक्षण नजर आने से पूर्व स्थिति में मरीजों के घर में अलग कमरा या अलग शौचालय नहीं हैं, तो उन्हें कोविड देखभाल केंद्र भेजा जाएगा। मध्यम, गंभीर बीमारी के सभी मामले अस्पताल भेजे जाएंगे।
एसओपी में कहा गया है कि ऐसे मरीजों को कोविड देखभाल केंद्र या अस्पताल भेजा जाएगा, जो पहले से किसी बीमारी से पीड़ित होंगे और जिनमें कोरोना वायरस संक्रमण के मामूली लक्षण दिख रहे हों।
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